भोपाल के दहेज मृत्यु मामले में आरोपी की सुरक्षा चिंता
भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा की दहेज से संबंधित मौत के मामले में आरोपी पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरीबाला सिंह ने जेल में अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि उन्हें भोपाल सेंट्रल जेल में एक सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, क्योंकि उनके द्वारा किए गए फैसलों के कारण सजा पाए कुछ कैदी भी उसी जेल में बंद हैं।
आरोपियों की न्यायिक हिरासत और सुरक्षा आवश्यकताएं
इस मामले में आरोपी गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सीबीआई की रिमांड समाप्त होने के बाद अदालत ने दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। वर्तमान में दोनों आरोपी भोपाल सेंट्रल जेल में हैं। 12 मई को मॉडल ट्विशा शर्मा अपने घर में फंदे से लटकी मिली थीं, जिसके बाद उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना और मौत से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं।
मामले में सुरक्षा और मीडिया ट्रायल की चिंता
सुनवाई के दौरान गिरीबाला सिंह ने कहा कि उनके और उनके बेटे के खिलाफ लगातार मीडिया ट्रायल चलाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके बेटे के साथ अदालत परिसर में एक वकील ने मारपीट की, जिससे उनकी सुरक्षा की चिंता और बढ़ गई है। अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए जेल में उन्हें सुरक्षित स्थान देने का निर्देश दिया है। वकील ने बताया कि अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया है कि दोनों आरोपियों को मीडिया से सुरक्षित रखा जाए ताकि अनावश्यक विवाद न हो।
वकील ने यह भी आरोप लगाया कि समर्थ सिंह के साथ जाबलपुर में पेशी के दौरान धक्का-मुक्की हुई और कुछ वकीलों तथा मीडिया कर्मियों के साथ अभद्रता की गई। उन्होंने इस घटना की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने कहा कि आरोपियों को कानूनी समर्थन से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वे इस मामले में अपनी पैरवी जारी रखेंगे और किसी भी दबाव में नहीं आएंगे।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा है। फिलहाल, गिरीबाला सिंह और समर्थ सिंह न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल में हैं, और मामले की अगली सुनवाई जारी है। इस पूरे घटनाक्रम ने इस केस को और अधिक संवेदनशील और चर्चित बना दिया है।











