सीबीआई ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरिबाला सिंह को किया गिरफ्तार
गुरुवार को केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में उसकी सास गिरिबाला सिंह को हिरासत में ले लिया है। वहीं, ट्विशा का बेटा समर्थ सिंह पहले ही सीबीआई की गिरफ्त में है। इस जटिल मामले की गुत्थी अभी भी पूरी तरह सुलझ नहीं पाई है। इस बीच, सीबीआई ‘टनल व्यू’ तकनीक का उपयोग कर यह समझने का प्रयास कर रही है कि 12 मई को ट्विशा की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
‘टनल व्यू’ तकनीक से घर की वर्चुअल रीकंस्ट्रक्शन की जा रही है
सीबीआई ने ट्विशा के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में उसके अंतिम घंटों को वर्चुअली दोबारा बनाने के लिए अत्याधुनिक ‘टनल व्यू’ जांच तकनीक का सहारा लिया है। इस प्रक्रिया में, एजेंसी एक मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन तैयार कर रही है, जिसमें ट्विशा की मौत से पहले की हर गतिविधि, बातचीत और डिजिटल गतिविधियों को बारीकी से जोड़ा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ता सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन डेटा, वाई-फाई लॉग्स, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और फोरेंसिक विश्लेषण से घर का एक डिजिटल नक्शा बना रहे हैं। इस वर्चुअल रीकंस्ट्रक्शन का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आखिरी बार ट्विशा किन स्थानों पर गईं, कौन-कौन लोग घर के अलग-अलग हिस्सों में आए या गए, और घटना से पहले का घटनाक्रम किस क्रम में हुआ।
डिजिटल सबूतों की जांच और संभावित छेड़छाड़ का संदेह
सीबीआई का मानना है कि ‘टनल व्यू’ विश्लेषण से वे महत्वपूर्ण समय अंतराल, संदिग्ध गतिविधियों और बयानों में छिपे विरोधाभासों को उजागर कर सकते हैं। इसमें कैमरों की टाइमस्टैम्प, फोन एक्टिविटी और इंटरनेट इस्तेमाल के डेटा को मिलाकर अंतिम घंटों की एक सटीक सिमुलेटेड तस्वीर बनाई जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी देख सकती हैं कि कहीं डिजिटल सबूतों के साथ छेड़छाड़, उन्हें डिलीट करने या छुपाने का प्रयास तो नहीं किया गया। इस वर्चुअल वातावरण के माध्यम से, सीबीआई ट्विशा के अंतिम पलों की स्पष्ट डिजिटल छवि बनाने का प्रयास कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत की रात किसी तरह का दबाव, साजिश या घटनास्थल से छेड़छाड़ की कोशिश तो नहीं हुई।











