बिगड़ी ट्विशा शर्मा मौत मामले में नई जानकारी सामने आई
बिहार में हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में अब महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। सास गिरीबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के वकील इनोश जार्ज कारलो ने आजतक को दिए अपने विशेष इंटरव्यू में परिवार पर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार की ओर से लगाए गए दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और उनके मुवक्किलों को झूठे केस में फंसाया जा रहा है।
वकील का दावा: सबूत पहले ही कोर्ट में प्रस्तुत किए गए
वकील ने कहा कि ट्विशा के परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस और अदालत के समक्ष सभी आवश्यक सबूत पहले ही पेश किए जा चुके हैं। खास बात यह है कि ट्विशा के खाते में आठ लाख रुपये भेजे जाने का दावा किया गया है। वकील ने बताया कि आरोप लगाया गया है कि दो लाख रुपये दहेज के रूप में मांगे गए थे, जबकि पिछले चार से पांच महीनों में समर्थ सिंह ने ट्विशा के बैंक खाते में करीब आठ लाख रुपये यूपीआई (UPI) के माध्यम से ट्रांसफर किए थे, जिसकी रसीद भी कोर्ट में जमा कराई गई है।
पैसों का उपयोग और जांच की आवश्यकता
वकील ने सवाल उठाया कि यदि पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, तो फिर दहेज की मांग का आरोप कैसे सही हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अब यह जरूरी है कि यह पता लगाया जाए कि इन पैसों का उपयोग कहां हुआ। बैंक डिटेल्स की जांच से ही सच्चाई का पता चल सकेगा। इसके साथ ही, उन्होंने गर्भपात और दबाव के आरोपों को भी खारिज किया। वकील का तर्क है कि ट्विशा कई बार अपने मायके गई थीं, तो यदि उन्हें कोई परेशानी होती तो वह वहीं रुक सकती थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्विशा की मौत के बाद घर में दो अमेजन पार्सल डिलीवर हुए थे, जिनकी जांच होनी चाहिए कि इन्हें किसने ऑर्डर किया था।
वकील ने कहा कि पूरा मामला एकतरफा बताया जा रहा है, जबकि उनके पास कई ऐसे तथ्य हैं जो इस केस की दिशा बदल सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी सबूतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मामला गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ इनाम और जमानत खारिज
बिहार में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में एक नया अपडेट सामने आया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी और मृतका के पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इसके साथ ही, अदालत ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी है।
पुलिस की जानकारी के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और उसकी लोकेशन ट्रैक करने का प्रयास तेज कर दिया गया है। घटना भोपाल (Bhopal) के ससुराल क्षेत्र में हुई थी, जहां ट्विशा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। परिजनों ने समर्थ सिंह और उसके परिवार पर हत्या और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ससुराल पक्ष का दावा और जांच की दिशा
ससुराल पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ट्विशा मानसिक रूप से अस्थिर थीं और ड्रग्स की आदी थीं। समर्थ सिंह की मां गिरीबाला सिंह ने अपनी जमानत याचिका में यह दावा किया है, जो एक रिटायर्ड जज हैं।
शादी का विवरण बताते हुए कहा गया कि ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी। शादी का समारोह दिल्ली में संपन्न हुआ था और उसके बाद वह भोपाल में रहने लगी थीं। सास ने बताया कि 12 मई की रात करीब 10 बजे उन्होंने घर की छत पर लोहे की सरियों से फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्विशा पहले फिल्म और मॉडलिंग से जुड़ी थीं, कई क्षेत्रीय फिल्मों और विज्ञापनों में काम किया था, और शादी के बाद भी वर्क फ्रॉम होम कर रही थीं।











