ग्वालियर में सिंधिया राजपरिवार की संपत्ति विवाद अदालत पहुंचा
ग्वालियर में सिंधिया राजपरिवार की संपत्तियों को लेकर चल रहा विवाद अब न्यायालय के समक्ष आ गया है। इस मामले में पहली बार प्रतिमा देवी ने व्यक्तिगत रूप से ग्वालियर जिला न्यायालय में उपस्थित होकर अपने आरोप दर्ज कराए हैं। न्यायालय के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उन्हें वर्षों से संपत्ति को लेकर भ्रमित किया गया है। वर्तमान में जो भी हिस्सा उन्हें मिल रहा है, उसे वे बोनस मान रही हैं, जबकि यह उनका कानूनी अधिकार है।
संपत्ति विवाद में प्रतिमा देवी का आरोप और कानूनी दावेदारी
सिंधिया परिवार की संपत्तियों से जुड़े इस विवाद में प्रतिमा देवी ने न्यायालय में एक आवेदन प्रस्तुत किया है। इसी सिलसिले में वह मंगलवार को ग्वालियर जिला न्यायालय पहुंचीं। कोर्ट के बाहर उन्होंने अपने मौसी उषा राजे और अन्य रिश्तेदारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने लंबे समय तक उन्हें गुमराह किया। उनका कहना है कि उन्हें यह बताया जाता रहा कि संपत्ति से जुड़ी प्रक्रिया उनके फायदे के लिए है, लेकिन असल में उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई।
प्रतिमा देवी का दावा है कि उन्हें यह भी बताया गया कि जो कुछ भी उन्हें मिल रहा है, वह बोनस है, जबकि उनका तर्क है कि यह उनका कानूनी हक है। उन्होंने अपनी चार बहनों को भी बराबर अधिकार देने की मांग की है, क्योंकि उनकी मां भी सिंधिया परिवार की सदस्य थीं। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था से वे संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें उचित हिस्सेदारी नहीं मिल रही है।
संपत्ति विवाद में बेटी शिवांगिनी का आरोप और अगली सुनवाई
इस मामले में प्रतिमा देवी की बेटी शिवांगिनी ने भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ दस्तावेजों पर दबाव में हस्ताक्षर कराए गए हैं और उन्हें पूरी कानूनी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि वसीयत की कोई कॉपी उनके पास नहीं है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि संपत्तियों को बेचकर कर्ज चुकाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे विवाद और बढ़ सकता है।
मामले की अगली सुनवाई अब 10 सितंबर को निर्धारित की गई है। उषा राजे की ओर से अदालत से समय मांगा गया है, और इस बीच दोनों पक्षों के दावे और दस्तावेज अदालत में पेश किए गए हैं। वर्तमान में मामला न्यायालय में है, और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
सिंधिया परिवार की करोड़ों की संपत्ति से जुड़ा यह विवाद अब सार्वजनिक हो चुका है। प्रतिमा देवी का कहना है कि उन्हें जो भी हिस्सा मिल रहा है, वह उनका कानूनी हक है, जबकि दूसरे पक्ष ने समझौते के दस्तावेजों में उनके हस्ताक्षर होने का दावा किया है। अब 10 सितंबर की अगली सुनवाई का इंतजार है, जिसमें इस विवाद का अंतिम फैसला हो सकता है।










