निवाड़ी में भारी बारिश से जल निकासी की समस्या उजागर
मध्य प्रदेश के निवाड़ी शहर में तेज बारिश के कारण जल निकासी व्यवस्था की खामियों ने फिर से सबको चौंका दिया है। सिविल लाइन क्षेत्र में पानी की निकासी का उचित इंतजाम न होने से सरकारी कार्यालयों जैसे SDOP कार्यालय और आवास, साथ ही कई अन्य सरकारी संस्थान और अधिकारियों के घरों में पानी भर गया है। इस स्थिति ने प्रशासनिक कार्यों को भी प्रभावित किया है, क्योंकि बारिश का पानी इन परिसरों में भी घुस गया है।
बारिश के कारण सरकारी कार्यालय और घर जलमग्न
सूत्रों के अनुसार, कार्यालय के अंदर पानी भरने से कंप्यूटर, फाइलें और जरूरी दस्तावेज भी भीग गए हैं। जल निकासी के लिए दो टुल्लू पंप पूरे दिन चलाए गए, लेकिन फिर भी जलभराव पूरी तरह से समाप्त नहीं हो पाया। बारिश रुकने के बाद भी सिविल लाइन क्षेत्र में पानी जमा रहा, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों की शिकायतें और समाधान की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। जलभराव न केवल सड़कों पर बल्कि घरों और सरकारी कार्यालयों तक पहुंच जाता है। कई परिवार पानी में फंसे रहते हैं, और सरकारी कर्मचारी भी कार्यालय और आवास से पानी निकालने में जूझते हैं। शहर में करोड़ों रुपये खर्च कर सड़क, डिवाइडर और नालियों का निर्माण किया गया है, फिर भी जल निकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
लोगों का आरोप है कि रेलवे स्टेशन की ओर से आने वाले नाले का पानी सही ढंग से नहीं निकाला जाता, जिससे तेज बारिश में पानी आसपास के सरकारी और रिहायशी इलाकों में फैलने लगता है। वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद और सिविल लाइन के निवासी कई बार जिला प्रशासन और PWD विभाग को इस समस्या की जानकारी दे चुके हैं, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकला है।
स्थानीय निवासियों ने तकनीकी जांच और दीर्घकालिक समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ पानी निकालने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि नाले की क्षमता, पानी के बहाव और निकासी के रास्ते की तकनीकी समीक्षा जरूरी है। उन्होंने कलेक्टर से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
अंत में, निवाड़ी की तेज बारिश ने फिर से शहर के जल निकासी तंत्र की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। सरकारी कार्यालयों और करीब 200 घरों में पानी भरने से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। अब स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए गंभीरता से कदम उठाएगा।










