उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास विवादित घटना
रात के लगभग दो बजे के समय महाकाल की भस्म आरती में भाग लेने के लिए श्रद्धालु कतारों में खड़े थे, तभी हरसिद्धि चौराहे पर भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान एक युवक चाय की दुकान पर बैठा दिखाई दिया, जिसके माथे पर गाढ़ा त्रिपुंड और गले में रुद्राक्ष की माला थी। शुरुआत में वह सामान्य श्रद्धालु जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन जैसे ही किसी ने उसका नाम पूछा, घटनाओं ने अचानक मोड़ ले लिया।
पिंपरी के युवक की पहचान और विवाद
यह कहानी महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी से शुरू होती है, जहां रहने वाले सरफराज शेख अपनी एक हिंदू युवती के साथ उज्जैन के बाबा महाकाल की नगरी पहुंचे थे। रात करीब दो बजे दोनों महाकाल मंदिर की चलित भस्मारती में भाग लेने जा रहे थे, लेकिन इससे पहले ही उनकी यात्रा विवाद में बदल गई। देर रात सरफराज और उसकी महिला मित्र हरसिद्धि चौराहे के पास मौजूद थे, तभी कुछ लोगों की नजर युवक पर पड़ी। माथे पर त्रिपुंड और रुद्राक्ष की माला देखकर वह पूरी तरह एक श्रद्धालु जैसा दिख रहा था, लेकिन फिर उसकी पहचान को लेकर सवाल उठने लगे।
घटना का विस्तार और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
पुलिस और स्थानीय संगठनों के बीच इस मामले को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। युवक से सवाल-जवाब के दौरान माहौल गरमाने लगा और फिर हाथापाई भी हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक को घेरकर उससे पूछताछ की जा रही है, और आरोप है कि उसके साथ मारपीट भी की गई। वीडियो में वह खुद को छोड़ देने की गुहार लगाता नजर आ रहा है, जबकि मौजूद लोग उससे सवाल पूछते रहते हैं। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जिसमें एक पक्ष का तर्क है कि यदि कोई व्यक्ति धार्मिक स्थल में गलत पहचान छुपाकर प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था, तो इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि यदि शक था तो पुलिस को सूचित किया जाना चाहिए था, न कि कानून हाथ में लेना।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। महाकाल थाना पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी गगन बादल के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और दस्तावेजों के आधार पर तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी।











