सागर जिले में नागिन का अचानक बाहर आना भयावह घटना
मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक ऐसी घटना प्रकाश में आई है जिसने हर अभिभावक की चिंता को बढ़ा दिया है। कल्पना कीजिए, एक मासूम छात्र रोजाना की तरह स्कूल पहुंचता है, अपने बैग से किताब निकालने का प्रयास करता है और तभी बैग के अंदर से फुफकारती हुई नागिन बाहर आ जाती है। इस अप्रत्याशित दृश्य ने पूरे क्लासरूम में अफरा-तफरी मचा दी। बच्चे डर के मारे भाग खड़े हुए और कुछ ही पलों में पूरे स्कूल में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि एक शिक्षक की सूझबूझ और बहादुरी ने इस बड़े खतरे को टाल दिया।
चांदपुर शासकीय प्राथमिक विद्यालय में नागिन का अचानक प्रकट होना
यह चौंकाने वाली घटना सागर जिले के रहली विकासखंड के चांदपुर शासकीय प्राथमिक विद्यालय की है। जानकारी के अनुसार, नर्सरी कक्षा का छात्र भास्कर अहिरवार रोज की तरह अपने स्कूल बैग के साथ कक्षा में पहुंचा था। जैसे ही उसने बैग की चेन खोलकर किताब निकालने का प्रयास किया, बैग के अंदर छिपी करीब डेढ़ फीट लंबी नागिन अचानक फुफकारते हुए बाहर आ गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल के शिक्षक अभय यादव तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, ताकि किसी भी तरह का खतरा न रहे। इसके बाद उन्होंने बिना घबराए सावधानीपूर्वक बैग को उठाया और स्कूल भवन से बाहर खुले स्थान पर ले गए।
नागिन को सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया
जैसे ही बैग को सड़क किनारे रखा गया, उसमें छिपी नागिन बाहर निकल आई। शिक्षक अभय यादव ने पूरी सतर्कता के साथ नागिन का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे प्लास्टिक के डिब्बे में कैद कर लिया। बाद में उसे उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। अभय यादव ने बताया कि यदि समय रहते बच्चों को बाहर नहीं निकाला जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। उनकी सूझबूझ और साहस के कारण सभी बच्चों की जान बच गई। इस घटना में किसी भी छात्र या शिक्षक को कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद स्कूल में कुछ समय तक भय का माहौल रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात के मौसम में सांप अक्सर सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों, वाहनों और बैग जैसी जगहों में भी छिप सकते हैं। इसलिए स्कूल जाने से पहले बच्चों के बैग, जूते और अन्य सामान की अच्छी तरह जांच करना अत्यंत आवश्यक है। यह घटना न केवल एक बड़े खतरे से बचने की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि संकट की घड़ी में धैर्य, सतर्कता और सही निर्णय कितनी बड़ी दुर्घटना को टाल सकते हैं। शिक्षक अभय यादव की बहादुरी की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है।











