दतिया उपचुनाव में सियासी तनाव चरम पर
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल तेज हो गया है। पिछले चुनाव में हार का सामना करने के बाद से शांत रहने वाले पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा अब अपने पुराने और कठोर तेवरों में लौट आए हैं। दतिया से भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित एक सभा में, मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पुलिस प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे पुलिस की कार्रवाई और लाठीचार्ज को भुलाने वाले नहीं हैं।
पुलिस कार्रवाई पर नरोत्तम मिश्रा का आक्रामक रुख
दरअसल, 10 जुलाई को दतिया में भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया था और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। अगले दिन कोतवाली पुलिस ने 27 नामजद और लगभग 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस कार्रवाई के खिलाफ पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंच से गरजते हुए कहा, “एसपी साहब ध्यान से सुनिए… आपने कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाई हैं। मैं भूलने वाला नहीं हूं। दोस्ती और दुश्मनी दोनों को मैं अच्छी तरह याद रखता हूं। यदि चक्का जाम खुलवाना था तो आप जाम खोलते, लेकिन बीजेपी कार्यालय में घुसकर आंसू गैस के गोले फेंकने की क्या जरूरत थी? मैं सब कुछ याद रखता हूं।”
आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक संदेश
मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि आशुतोष तिवारी का टिकट कटवाने का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, “आपने कैसे मान लिया कि आशुतोष ने मेरा टिकट कटवाया है? इसकी क्षमता तो वह नहीं रखता। टिकट कटवाने वाले और भी लोग हैं, और उनसे हम समय आने पर बात करेंगे।” साथ ही, उन्होंने आंदोलनकारियों और व्यापारियों का आभार भी व्यक्त किया, जिन्होंने दतिया बाजार बंद रखने में समर्थन दिया।
मिश्रा ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उनका असली दुश्मन कांग्रेस और पुलिस प्रशासन है, न कि भाजपा का उम्मीदवार। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाया कि दतिया के चुनाव की दिशा बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “बदला हमें कांग्रेस और पुलिस से लेना है, भाजपा से नहीं।” अपने भाषण के अंत में, उन्होंने दतिया की जनता का समर्थन और अपने प्रति विश्वास जताते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में चर्चा सिर्फ नरोत्तम मिश्रा की ही हो रही है।











