साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का विवादित बयान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक ऐसा बयान दिया जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने मंच से कहा कि यदि कोई लड़की अपनी इच्छा से किसी दूसरे धर्म के युवक से शादी करने का प्रयास करे, तो माता-पिता को उसकी टांगें तोड़ने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए। इस बयान ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
बयान का सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
साध्वी प्रज्ञा का यह कथन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिससे कई लोग हैरान रह गए। कुछ ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जबकि कुछ ने समर्थन में ताली बजाई। विपक्षी दलों और महिला संगठनों ने इसे महिलाओं की स्वतंत्रता और कानून व्यवस्था के खिलाफ बताया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बयान की आलोचना और विवाद की जड़ें
इस बयान को लेकर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर तीखी आलोचना हो रही है। कई लोगों का मानना है कि यह महिलाओं की स्वतंत्रता का अपमान है और समाज में असहिष्णुता को बढ़ावा देता है। इस तरह के बयान से सामाजिक समरसता और महिलाओं के अधिकारों को खतरा पैदा हो सकता है। इस विवाद ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ऐसी बातें सार्वजनिक मंचों पर कहनी चाहिए।











