बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की सख्त नीति
बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी अपराधी पुलिस को खुली चुनौती देंगे, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। डीजीपी ने यह भी बताया कि कई बार ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं, जब पुलिस को आत्मरक्षा के तहत जवाबी कार्रवाई करनी पड़ती है। इसी तरह की एक घटना आज फुलवारी शरीफ में देखने को मिली, जहां पुलिस की कार्रवाई में एक अपराधी घायल हो गया।
बिहार में अपराध के ग्राफ में हो रही गिरावट और नक्सली गतिविधियों में कमी
डीजीपी ने दावा किया कि बिहार में अपराध का स्तर लगातार घट रहा है। उन्होंने बताया कि पटना में विभिन्न श्रेणियों के अपराधों में लगभग 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पूरे राज्य में भी अपराध के आंकड़ों में सुधार देखने को मिला है। साथ ही, उन्होंने नक्सली गतिविधियों में भी कमी का जिक्र किया। हाल ही में मुंगेर में तीन नक्सली आत्मसमर्पण करने में सफल हुए हैं, जबकि बेगूसराय में पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक नक्सली मारा गया।
ड्रग्स और सीमा सुरक्षा पर बढ़ती चिंता, गिरफ्तारी और जांच जारी
विनय कुमार ने राज्य में बढ़ते ड्रग्स कारोबार और साइबर अपराधों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग इन खतरनाक गतिविधियों में तेजी से संलिप्त हो रहा है, जो समाज और पुलिस दोनों के लिए चिंता का विषय है। पुलिस लगातार इन अवैध कारोबारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, जिसमें कई युवाओं को गिरफ्तार भी किया गया है। इसके साथ ही, इंडो-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ के मामलों में तीन बांग्लादेशी नागरिकों और एक भारतीय को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक सख्त कर दिया गया है, ताकि घुसपैठ को रोका जा सके। सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, और केंद्रीय जांच एजेंसियां भी इस मामले में सक्रिय हैं। आगे की कार्रवाई इन जांच के आधार पर ही तय की जाएगी।










