इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर विवाद
इंदौर में आयोजित राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में भाग लेने वाले कुछ छात्रों के कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ता होने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा है कि यह मध्यप्रदेश के युवाओं और छात्रों के साथ धोखा है।
छात्र तनय शर्मा का खुलासा और बीजेपी का आरोप
भोपाल की माखनलाल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे छात्र तनय शर्मा ने रविवार को एक्सक्लूसिव बातचीत में स्वीकार किया कि वह वर्तमान में NSUI (National Students Union of India) का कार्यकर्ता है और इससे पहले वह NSUI का प्रवक्ता भी रह चुका है। उन्होंने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य छात्रों से जुड़ी समस्याओं को उठाना है।
तनय शर्मा ने यह भी कहा कि उनकी राहुल गांधी से पहले भी मुलाकात हो चुकी है। इस बार उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में अपने एडमिशन से जुड़े मुद्दे को उठाया और न्याय की उम्मीद जताई। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज के कुलपति को बोलने वाले छात्र नहीं, बल्कि अंधभक्त चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि इंटरव्यू के दौरान उनके साथ जो व्यवहार हुआ और रिकॉर्डिंग या दस्तावेज न मिलने पर उन्हें NSUI का समर्थन मिला, जिसके बाद उन्होंने संगठन में शामिल हो गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि NSUI कोई आतंकी संगठन नहीं है और बीजेपी इसे गलत तरीके से प्रचारित कर रही है।
सच्चाई और राजनीतिक आरोपों का सामना
तनय शर्मा ने बताया कि दिल्ली से आई टीम ने उन्हें दो बार इंटरव्यू लिया था, जिसके बाद ही उन्हें ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में चुना गया। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्रों को कांग्रेस का कार्यकर्ता होने के बावजूद छात्र दिखाया गया, ताकि राहुल गांधी से मुलाकात कराई जा सके।
प्रदेश भाजपा महामंत्री राहुल कोठारी ने कहा कि यह पूरी घटना एक स्क्रिप्टेड राजनीतिक फर्जीवाड़ा है, जिसमें कांग्रेस ने अपने ही कार्यकर्ताओं को छात्र का रूप देकर राहुल गांधी के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मध्यप्रदेश के युवाओं के साथ धोखा है और कांग्रेस अब अपने ही समर्थकों को छात्र बनाकर राजनीति कर रही है।










