मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की समस्याओं पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन
मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद प्रक्रिया में हो रही कठिनाइयों को लेकर किसानों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद में व्याप्त अव्यवस्थाओं और किसानों को हो रही परेशानियों के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन के तहत पार्टी ने आगरा-मुंबई (Agra-Mumbai) नेशनल हाइवे पर लगभग 747 किलोमीटर लंबा चक्का जाम करने का निर्णय लिया है, जिससे कई जिलों में यातायात और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना है।
प्रदर्शन की योजना और प्रभावित क्षेत्र
कांग्रेस का यह आंदोलन महाराष्ट्र (Maharashtra) सीमा से लेकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सीमा तक फैलेगा। पार्टी के अनुसार, यह चक्का जाम सेंधवा से शुरू होकर इंदौर, देवास, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर और मुरैना तक विस्तारित होगा। इस दौरान आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे पर जगह-जगह प्रदर्शन और सड़क जाम की तैयारियां की गई हैं। इस आंदोलन के कारण करीब 11 जिलों में ट्रैफिक व्यवस्था बाधित हो सकती है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में गेहूं खरीदने की व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित हो चुकी है। किसानों को समय पर स्लॉट नहीं मिल रहे, भुगतान में देरी हो रही है और कई स्थानों पर तौल व्यवस्था भी प्रभावित है। साथ ही, किसानों को मंडियों और खरीदी केंद्रों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था और संभावित प्रभाव
कांग्रेस का कहना है कि सरकार किसानों को राहत देने के बजाय उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। इसी के विरोध में पार्टी ने सड़क पर उतरने का फैसला लिया है। पार्टी के कार्यकर्ता और किसान संगठन बड़े पैमाने पर हाइवे पर जुटने की तैयारी कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जिस आगरा-मुंबई (Agra-Mumbai) नेशनल हाइवे को जाम करने का निर्णय लिया गया है, वह देश के सबसे महत्वपूर्ण हाइवे में से एक है। पहले इसे नेशनल हाइवे-3 (National Highway 3) के नाम से जाना जाता था। यह हाइवे आगरा (Agra) को मुंबई (Mumbai) से जोड़ता है और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कई बड़े शहरों से होकर गुजरता है। प्रशासन ने प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कई जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और ट्रैफिक डायवर्जन की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी निगरानी कर रहे हैं।
मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, ब्यावरा, देवास और इंदौर जैसे शहर इसी मार्ग पर हैं। इन शहरों में व्यापार और यातायात का बड़ा हिस्सा इस हाइवे से गुजरता है। खासकर इंदौर, देवास और ग्वालियर जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। हर घंटे हजारों व्यावसायिक और यात्री वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, इसलिए चक्का जाम का असर माल ढुलाई, व्यापार और आम जनता की आवाजाही पर पड़ने की आशंका है। वर्तमान में प्रदेश में MSP पर गेहूं की खरीद का कार्य जारी है, लेकिन इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने सरकार पर किसानों की अनदेखी और खरीद व्यवस्था में भारी अव्यवस्थाओं का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि खरीदी केंद्रों पर किसान परेशान हैं, उन्हें समय पर सुविधा और भुगतान नहीं मिल रहा है, जबकि सरकार व्यवस्था को बेहतर बताने में लगी है। इस संदर्भ में कांग्रेस अब सड़क पर उतरने का मन बना चुकी है।









