मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर दुबई दौरे की चर्चा
मुख्यमंत्री मोहन यादव के दुबई यात्रा के तीसरे दिन, मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकें और चर्चाएं हुईं। AIM Congress-2026 के दौरान, उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ व्यक्तिगत मुलाकातें कीं। इन बैठकों में लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी, शिक्षा, हेल्थकेयर और रिटेल जैसे विविध क्षेत्रों में निवेश के संभावित अवसरों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इन उद्योग समूहों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का भी आमंत्रण दिया।
लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की योजनाएं
सीएम यादव ने शाराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर के साथ बैठक में शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान, मध्यप्रदेश में रेल-साइडिंग से जुड़ा लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने का प्रस्ताव भी सामने आया, जिसमें लगभग 30 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश प्रस्तावित है। इससे करीब 300 से 600 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। यह परियोजना इंदौर और पीथमपुर क्षेत्रों में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, आधुनिक वेयरहाउसिंग और रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के विकास पर केंद्रित है।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा में निवेश के अवसर
मुख्यमंत्री ने पोवारखेड़ा को लॉजिस्टिक्स का बड़ा हब बनाने की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने DP World (डीपी वर्ल्ड) के सीईओ रिजवान सूमार से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूत बनाने पर चर्चा की। इस योजना के तहत मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन सुविधाओं का विकास किया जाएगा, ताकि किसानों, FPO, MSME और उद्योगों के लिए कार्गो का समेकन, मूल्य संवर्धन और निर्यात आसान हो सके।
इसके अलावा, राणा होल्डिंग्स (Rana Holdings) के चेयरमैन डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ बैठक में, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक आधारभूत संरचना, ऊर्जा संसाधन और कुशल श्रमशक्ति निवेश के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं।
शिक्षा क्षेत्र में भी निवेश की संभावना देखी गई है। मुख्यमंत्री ने GEMS Education के चेयरमैन सनी वर्की से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में इंटरनेशनल स्तर के K-12 स्कूल खोलने में रुचि दिखाई। इन स्कूलों में कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण और आधुनिक सिलेबस लागू करने की योजना भी चर्चा का हिस्सा रही।
स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में भी कंपनियों ने निवेश की इच्छा जताई है। बीमर्क कॉर्पोरेशन (Beumark Corporation) के सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन ने मध्यप्रदेश में हेल्थकेयर, ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी में निवेश का संकेत दिया। वहीं, VFS Global (वीएफएस ग्लोबल) के प्रमुख अमित साइचर ने भोपाल और इंदौर में वीजा सेवाओं का विस्तार करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय पहुंच मजबूत करने का सुझाव दिया।
इसके अतिरिक्त, चोइथराम समूह ने प्रदेश में सुपरमार्केट और आधुनिक किराना रिटेल सेंटर खोलने की योजना बनाई है। बैठक में किसानों से सीधे कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद खरीदने, फूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए, क्रेसेंट इंटरप्राइजेज (Crescent Enterprises) के सीईओ बद्र जाफर ने शहरी अधोसंरचना, आईटी और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में निवेश की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने इन बैठकों के दौरान, उद्योग समूहों और निवेशकों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया।










