15 वर्षीय किशोरी का अपहरण मामला: इंदौर से सुरक्षित बरामदगी
दो दिन पहले शहर से लापता हुई 15 वर्षीय किशोरी को चिमनगंज मंडी थाना पुलिस ने इंदौर (Indore) से सकुशल खोज निकाला है। इस मामले में मुख्य आरोपी 19 वर्षीय इमानउल को गिरफ्तार किया गया है। किशोरी की बरामदगी के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है और हिंदूवादी संगठनों ने भी इस घटना को लेकर सक्रियता दिखाई है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार विराट नगर में रहने वाली किशोरी 2 फरवरी को घर से कोचिंग जाने का कहकर निकली थी। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस गंभीर मामले को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक टीम गठित कर जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी फुटेज और आरोपी की गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले, जिसमें किशोरी बुरका पहने हुए जाती दिख रही थी। साथ ही एक्टीवा वाहन से आरोपी इमानउल भी नजर आया। तकनीकी जांच और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पता चला कि किशोरी को उज्जैन से इंदौर बस के जरिए ले जाया गया था। पुलिस ने सर्चिंग के बाद 24 घंटे के भीतर किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया। पूछताछ में पता चला कि किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। पुलिस का कहना है कि किशोरी उज्जैन से इंदौर तक कई अलग-अलग व्यक्तियों के संपर्क में रही।
इस मामले में अपहरण, पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि जांच में सामने आए सभी नामों को आरोपी बनाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हिंदू जागरण मंच ने इस घटना को ग्रूमिंग गैंग (Grooming Gang) का पैटर्न बताते हुए साजिश का आरोप लगाया है।
संगठन के पदाधिकारी अर्जुन भदौरिया ने कहा कि किशोरी अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) से है, उसके पिता नहीं हैं और उसकी मां घरों में काम कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनका आरोप है कि वर्ग विशेष के लोग कम उम्र की लड़कियों को निशाना बनाकर लव जिहाद (Love Jihad) फैला रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।









