रिटायर्ड PWD इंजीनियर के अवैध संपत्ति का खुलासा
लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता जीपी मेहरा के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई ने सभी को चौंका दिया है। इस कार्रवाई का संबंध राजधानी भोपाल के साथ-साथ नर्मदापुरम जिले के सैनी गांव से भी जुड़ा है, जहां मेहरा का एक विशाल और आलीशान फार्म हाउस पाया गया है। इस फार्म हाउस में करीब 100 एकड़ से अधिक भूमि शामिल है और यहां से 17 टन शहद भी बरामद हुआ है।
फार्म हाउस की भव्यता और लक्जरी सुविधाएं
जब लोकायुक्त की टीम ने इस फार्म हाउस का निरीक्षण किया, तो सभी की आंखें खुली की खुली रह गईं। यह फार्म हाउस किसी बड़े लग्जरी रिसॉर्ट से कम नहीं प्रतीत होता है और यहां एक तरह से ‘मिनी मालदीव’ का निर्माण किया जा रहा था। इस आलीशान संपत्ति में सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। अभी यहां 32 नए कॉटेज का निर्माण कार्य चल रहा है, जिनके सामने सुंदर तालाब भी बनाए गए हैं। इसके अलावा एक बड़े कॉटेज के सामने भी एक तालाब है, जो इस संपत्ति की भव्यता को और बढ़ाता है।
संपत्ति का विस्तृत ब्यौरा और जांच
फार्म हाउस से मिली जानकारी के अनुसार, यहां 32 निर्माणाधीन और 7 पूर्णतया तैयार कॉटेज हैं। साथ ही 17 टन शहद, एक बड़ा भवन, कृषि भूमि, महंगे कृषि उपकरण, छह ट्रैक्टर, दो मछली पालन केंद्र, दो गौशालाएं, दो बड़े तालाब और संपत्ति के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इस फार्म हाउस में रिटायर्ड इंजीनियर की करोड़ों की संपत्ति छुपी हुई थी। इससे पहले भोपाल में भी उनके घर से तीन करोड़ रुपये का सोना और 36 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे।
आर्थिक लेनदेन और आगे की कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को इस फार्म हाउस पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा किया। इस दौरान, पुलिस ने 3 करोड़ रुपये का सोना, 36 लाख रुपये नकद, और अन्य कीमती सामान भी जब्त किया। इस संदर्भ में पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में, भोपाल के आलीशान घर और सैनी गांव का फार्म हाउस दोनों शामिल हैं, जो इस रिटायर्ड इंजीनियर की अवैध संपत्ति का बड़ा सबूत हैं।










