खराब खानपान और असुविधाओं से छात्राओं का प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित सीनियर कॉलेज जनजातीय कन्या छात्रावास की करीब 20 से 25 छात्राओं ने अपने साथ हो रही परेशानियों के खिलाफ साहसिक कदम उठाया। हॉस्टल की खराब स्थिति और वार्डन की तानाशाही से परेशान ये छात्राएं आठ किलोमीटर पैदल चलकर कलक्ट्रेट पहुंचीं और वहां धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आदिवासी छात्राओं का संघर्ष और शिकायतें
दरअसल, कलेक्टर कार्यालय के बाहर बीते दिन इन छात्राओं ने अपने हॉस्टल की गंभीर समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। इन छात्राओं ने बताया कि उनके हॉस्टल की वार्डन रेखा प्रजापति के खिलाफ शिकायतें थीं, जिनमें मुख्य रूप से भोजन की गुणवत्ता का मुद्दा था। छात्राओं का आरोप था कि हर दिन उनके खाने में इल्लियां और कीड़े निकलते हैं। शिकायत करने पर वार्डन उन्हें केवल एडजस्ट करने की सलाह देती हैं।
खराब भोजन और स्वास्थ्य संकट का सामना
जब पांच छात्राओं की थालियों में तीन इंच लंबी इल्लियां और कीड़े निकले, तो स्थिति और भी गंभीर हो गई। इससे कई छात्राओं को उल्टी होने लगी और कुछ की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। अस्पताल में भी इलाज शुरू करने से पहले पुलिस को सूचित करने का निर्देश दिया गया। इन छात्राओं ने अपने दर्द को व्यक्त करने के लिए कलेक्टर कार्यालय का रुख किया, जहां वार्डन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और धमकाया भी।










