दिल्ली में इमारत गिरने से युवा छात्र की दुखद मौत
मध्य प्रदेश के युवा छात्र अक्षत यादव का सपना था कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी बनें। जब वह नई दिल्ली अपने सपनों को पूरा करने के लिए पहुंचा, तो उसकी जिंदगी अचानक ही एक भयानक हादसे का शिकार हो गई। परिवार को नहीं पता था कि उनका प्रिय बेटा एक दिन दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत के मलबे में दब जाएगा।
रविवार को दिल्ली के इस इलाके में एक पुरानी और खतरनाक बिल्डिंग का ढहना एक बड़ा हादसा बन गया। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें से एक युवा छात्र अक्षत यादव भी था। दिल्ली विश्वविद्यालय का यह 19 वर्षीय छात्र अपने IAS बनने के सपने के साथ राजधानी आया था। वह कटनी (KATNI) के तुलसी नगर इलाके की दुबे कॉलोनी का रहने वाला था। रक्षाबंधन के त्योहार के बाद वह अपने घर आया था और त्योहार मनाने के बाद दो दिन बाद दिल्ली लौट गया।
हादसे का कारण और पीड़ित परिवार की स्थिति
पड़ोसियों ने बताया कि अक्षत की दुखद मौत की खबर मिलते ही उसके माता-पिता, छोटी बहन और परिवार के अन्य सदस्य तुरंत दिल्ली पहुंचे। शव की पहचान के बाद उसे एम्बुलेंस में रखकर सड़क मार्ग से ही कटनी लाया गया। अक्षत के बचपन के दोस्त कृष्णा रजक ने बताया कि वह पिछले साल कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) पास कर दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम की डिग्री हासिल कर रहा था। वह पढ़ाई में बहुत अच्छा था और IAS की तैयारी कर रहा था।
कृष्णा ने कहा कि अक्षत रक्षाबंधन पर ही अपने घर आया था, लेकिन उससे मिल नहीं पाया, जो अब जिंदगी भर का अफसोस बन गया है। हादसे की खबर सुनते ही उसके माता-पिता का बुरा हाल हो गया है। उसकी छोटी बहन की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
इमारत का ढहना और प्रशासनिक कदम
रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे उस इमारत का मरम्मत कार्य चल रहा था, तभी वह अचानक ढह गई। यह बिल्डिंग छात्रावास के रूप में इस्तेमाल हो रही थी, जिसमें रहने वाले कई युवा छात्र थे। जैसे ही हादसे की खबर फैली, स्थानीय लोग और पड़ोसी तुरंत मौके पर जमा हो गए। उन्हें पता चला कि अक्षत भी उसी इमारत में रह रहा था।
पड़ोसी संदीप त्रिपाठी ने बताया कि उस समय अक्षत के पिता राजस्थान में थे और वे तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हो गए। स्थानीय पार्षद और परिवार के करीबी सदस्य उसकी मां और बहन को लेकर दिल्ली पहुंचे। अक्षत के पिता भवन निर्माण के क्षेत्र में काम करते हैं, जबकि उसकी मां गृहिणी हैं। इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।










