जबलपुर में GST विभाग के दो अधिकारियों की रिश्वतखोरी का खुलासा
जबलपुर में केंद्रीय जीएसटी (GST) विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब इन अधिकारियों ने एक होटल व्यवसायी से दस लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पहली किश्त के रूप में चार लाख रुपये लेते समय ही इन अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इस मामले में दोनों अधिकारियों को अदालत में पेश कर रिमांड मांगी गई है ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
CBI की छापेमारी और पूछताछ का सिलसिला
गिरफ्तारी के बाद, दोनों आरोपियों को गुरुवार को CBI की विशेष अदालत में पेश किया गया। जांच एजेंसी ने अदालत से इन दोनों को 22 दिसंबर तक रिमांड पर रखने की अनुमति मांगी है ताकि विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार के नेटवर्क का विस्तार से पता लगाया जा सके। गिरफ्तारी के बाद, CBI की टीम ने रातभर आरोपियों से पूछताछ की और उनके ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान, विभाग के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों के साथ ही दस्तावेज, बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जुटाए गए।
आरोपियों के ठिकानों पर की गई तलाशी और आगे की जांच
छापेमारी के दौरान, CBI ने आरोपियों के आवासों पर भी छानबीन की और कई जरूरी दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वत की मांग किन आधारों पर की गई थी और इसमें किन-किन व्यक्तियों की भूमिका थी। इस मामले में, दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
मामले के प्रकाश में आने के बाद, GST विभाग के अन्य अधिकारियों की भी जांच शुरू कर दी गई है। CBI यह सुनिश्चित कर रही है कि यह रिश्वतखोरी केवल इन दो अधिकारियों तक सीमित है या विभाग के अन्य सदस्य भी इसमें शामिल हैं।











