इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का आधारशिला रखी गई
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को इंदौर और उज्जैन के बीच 2935 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की आधारशिला रखी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में आर्थिक विकास और अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण करना है।
यह चार-लेन सड़क मार्ग दोनों शहरों के बीच की दूरी को घटाकर यात्रा के समय को कम करेगा, जिससे दोनों शहरों के बीच संबंध मजबूत होंगे। वर्तमान में सड़क से दूरी लगभग 55 किलोमीटर है, जिसे इस परियोजना से और भी कम किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के लिए केंद्रीय सहायता की घोषणा
मध्य प्रदेश के शहरी विकास मंत्री ने इस अवसर पर राज्य के लिए 5657 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता की भी घोषणा की। इसमें आवास और स्वरोजगार योजनाओं के लाभार्थियों को दी जाने वाली धनराशि शामिल है, जो राज्य के विकास में सहायक सिद्ध होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, गरीबी उन्मूलन और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में बड़े बदलाव आए हैं। अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार, इस अवधि में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।
विकास परियोजनाओं का प्रभाव और आगामी आयोजन
कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर प्रदेश की विकास गति को तेज करेगा। यह परियोजना इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के विकल्प के रूप में कार्य करेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
यह कॉरिडोर इंदौर के पित्रा पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बाईपास पर समाप्त होगा। इस सड़क के बन जाने से 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान हो जाएगी।
सिंहस्थ कुंभ मेला हर 12 साल में उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे आयोजित किया जाता है, जहां महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है।
इसके अतिरिक्त, अधिकारियों ने बताया कि मनोहर लाल और मुख्यमंत्री यादव की उपस्थिति में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2548 करोड़ रुपये की लागत से 42,000 से अधिक घरों का निर्माण शुरू किया गया है। इन घरों के लाभार्थियों के लिए प्रतीकात्मक गृह-प्रवेश समारोह भी आयोजित किया गया।
इसके अलावा, AMRUT 2.0 योजना के अंतर्गत 446 करोड़ रुपये की लागत वाली 116 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, और 310 करोड़ रुपये की लागत वाली 37 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।











