डिजिटल ठगी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो देशभर में ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल फ्रॉड के मामलों में शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान उन साइबर नेटवर्क्स को तोड़ने के लिए चलाया गया था, जो लोगों को डिजिटल जाल में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे। इस दौरान, रणहोला एक्सटेंशन से गुलफाम अंसारी (25) को गिरफ्तार किया गया है।
साइबर अपराधियों का गिरोह और उनकी गतिविधियां
आरोपी ने एक महिला का निजी वीडियो लीक कर उसे ब्लैकमेल किया और तीन लाख रुपये की मांग की। उसने फेक सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर महिला के रिश्तेदारों और दोस्तों को वीडियो भेजे। पुलिस ने उसके पास से सात मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड, दो चेकबुक और दो सिम कार्ड भी जब्त किए हैं।
इसके अलावा, फरीदाबाद (बल्लभगढ़) से दो आरोपियों शिवा (19) और पुनीत उर्फ साहिल (22) को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर एक महिला को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धमकाया और 11.75 लाख रुपये की ठगी की।
जयपुर से भी एक आरोपी अंकित सोनकरिया को गिरफ्तार किया गया, जो फर्जी वर्क फ्रॉम होम जॉब स्कैम चला रहा था। उसने एक महिला से लोकेशन रिव्यू के नाम पर 2.74 लाख रुपये ठगे। वहीं, अलीगढ़ के लवलेश कुमार (22) और हरभजन (24) को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों ने फर्जी “BSES मीटर वेरिफिकेशन” APK फाइल भेजकर लोगों के बैंक डिटेल्स चुराए। एक शिकायतकर्ता से 16.52 लाख रुपये की ठगी हुई, जिसमें से 6 लाख रुपये आरोपी खातों से ट्रेस किए गए हैं।
डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ पुलिस की सतर्कता और कार्रवाई
यह कार्रवाई उन साइबर नेटवर्क्स के खिलाफ एक बड़ा कदम है जो ऑनलाइन ठगी के जरिए लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे थे। पुलिस की इस मुहिम का मकसद डिजिटल अपराधों को रोकना और पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करना है। इन गिरफ्तारियों से साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है कि भारत में डिजिटल फ्रॉड को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











