इंदौर में दूषित पानी से नागरिकों की मौत के बाद प्रशासनिक कार्रवाई
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई नागरिकों की मौत और कई लोगों के बीमार होने की घटना के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। संभाग आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने नगर निगम के अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए, नगर निगम आयुक्त श्री दिलीप कुमार यादव के प्रस्ताव पर तत्काल प्रभाव से एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (नर्मदा) संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है।
लापरवाही और उदासीनता के आरोप में निलंबित
आदेश के अनुसार, संजीव श्रीवास्तव पर अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने और गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं। उनके निलंबन के साथ ही उनका मुख्यालय मुख्य अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, इंदौर निर्धारित किया गया है। यह कदम उस गंभीर घटना के बाद लिया गया है, जिसमें नर्मदा जलप्रदाय लाइन में ड्रेनेज का पानी मिल जाने से कई नागरिक संक्रमण की चपेट में आ गए थे।
मीडिया से बचते दिखे अधिकारी, जांच में खुलासे
घटना के बाद जब मीडिया कर्मियों ने जल कार्य प्रभारी संजीव श्रीवास्तव से सवाल पूछने का प्रयास किया, तो वह वहां से भागते नजर आए। उन्होंने कहा कि वे मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं हैं और सवाल निगम आयुक्त या अपर आयुक्त से पूछे जाएं। मौके पर बिसलेरी की बोतलें रखी होने के कारण उनके भागने की बात भी सामने आई है। इसी दिन मुख्यमंत्री स्तर पर भी कार्रवाई करते हुए, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और जल कार्य प्रभारी संजीव श्रीवास्तव को पद से हटा दिया गया।











