इंदौर में बच्चों के अपहरण और फिरौती का मामला सामने आया
इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र में दो नाबालिग बच्चों का अपहरण कर 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना गीता नगर से शुरू हुई, जहां एक युवती ने बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई। कुछ ही देर बाद परिजनों को फोन आया, जिसमें कहा गया कि बच्चों की रिहाई के बदले में 15 लाख रुपये की रकम चाहिए।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित किया
घटना की खबर फैलते ही गीता नगर और तिलक नगर में लोग सड़कों पर उतर आए। सूचना मिलते ही पलासिया थाना की पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक युवती को बच्चों को अपने साथ ले जाते देखा गया। इसके बाद पुलिस ने फुटेज के आधार पर युवती का पीछा शुरू किया और फिरौती कॉल करने वाले नंबर की टॉवर लोकेशन भी ट्रेस की।
छुपाए गए बच्चों को पुलिस ने किया मुक्त
जांच के दौरान पता चला कि दोनों बच्चों को राजेंद्र नगर इलाके की एक मल्टी में छुपाकर रखा गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया। छापेमारी के दौरान आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उनका पीछा कर चारों को पकड़ लिया। इस दौरान आरोपी मामूली रूप से घायल हो गए, जिन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि इस ऑपरेशन में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की अहम भूमिका रही।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों ने व्हाट्सऐप के माध्यम से 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग भेजी थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो भाई-बहन राशिका और विनीत, और एक दंपत्ति ललित और उसकी पत्नी तनीषा शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी परिवार बच्चों के परिचित थे, जिससे अपहरण की घटना आसान हो गई। बच्चों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है, जिसमें किसी तरह की प्रताड़ना या शारीरिक नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और आशंका है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने पूरे गिरोह के नेटवर्क का जल्द ही खुलासा करने का भरोसा जताया है।










