इंदौर में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुली
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में मंगलवार शाम को सुरक्षा के दावों की असलियत सामने आ गई, जब एयरपोर्ट रोड पर एक खतरनाक घटना घटी। दिल्ली से लौटे एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी और उनकी पत्नी के लिए एयरपोर्ट से ली गई टैक्सी उस समय मौत का खतरा बन गई, जब सुपर कॉरिडोर पर एक सनकी व्यक्ति ने लिफ्ट के बहाने घुसपैठ की। इस व्यक्ति ने न केवल ड्राइवर को गंभीर रूप से घायल कर गाड़ी से बाहर फेंक दिया, बल्कि बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर खौफनाक हिंसा का सिलसिला शुरू कर दिया।
आतंक का खेल: आरोपी ने आधे घंटे तक किया हमला
घटना के दौरान आरोपी ने करीब आधे घंटे तक चलती कार में ही पेंचकस से वार करता रहा और खूनखराबा करता रहा। 66 वर्षीय अनिल शुक्ला और उनकी पत्नी ने साहस का परिचय देते हुए आरोपी का आतंक रोकने की कोशिश की। घायल होने के बावजूद दोनों ने हार नहीं मानी और आरोपी से जूझते रहे, जब तक उसकी हिम्मत जवाब नहीं दे गई। इस जांबाज दंपती की बहादुरी ने आरोपी का मनोबल तोड़ दिया।
पुलिस की लापरवाही और घायल दंपती का संघर्ष
मंगलवार को यह दंपती एयरपोर्ट परिसर से टैक्सी में सवार होकर अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक युवक आया और उसने ड्राइवर को पेंचकस दिखाकर धमकाया। ड्राइवर को नीचे उतारकर वह खुद ड्राइविंग करने लगा और दोनों पति-पत्नी को बंधक बनाकर करीब आधे घंटे तक मारपीट करता रहा। आरोपी ने पेंचकस से हमला भी किया। दोनों ने बार-बार कहा कि जो भी लेना हो ले लो, हमें छोड़ दो, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई। आरोपी ने उन्हें इंदौर से बाहर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन दंपती ने हिम्मत नहीं हारी और चलती कार में ही उससे भिड़ते रहे। इस दौरान कार का संतुलन बिगड़ गया और वह एक खंभे से टकरा गई। घायल अनिल शुक्ला की पत्नी रेखा शुक्ला ने मदद के लिए लोगों से गुहार लगाई, जिन्होंने उनकी सहायता की और आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।









