इंदौर में क्रिप्टो और फॉरेक्स धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया
इंदौर शहर में क्रिप्टोकरेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर एक संगठित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है, जिसमें करीब ढाई करोड़ रुपये की ठगी की गई है। इस जालसाजी में जिया वाधवानी और हरप्रीत कौर सहित आठ से नौ महिलाओं का नाम सामने आया है। आरोप है कि इन लोगों ने निवेशकों को 100 दिनों में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर ठगी की योजना बनाई। पुलिस की जांच में पता चला है कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा है। आरोपियों ने पहले लोगों का भरोसा जीतने के लिए मेलजोल बढ़ाया और उन्हें पार्टियों तथा किटी मीटिंग्स में शामिल किया। इसी दौरान निवेश का प्रस्ताव देकर बड़े मुनाफे का लालच दिया गया।
महिलाओं को आकर्षित कर क्रिप्टो और फॉरेक्स में निवेश के जाल में फंसाया
जानकारी के अनुसार, हरप्रीत कौर मुख्य रूप से बड़े घरानों की महिलाओं की किटी पार्टियों में जाती थीं और वहां क्रिप्टोकरेंसी तथा फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का प्रलोभन देती थीं। आरोप है कि कई महिलाएं इस जाल में फंस गईं और उन्होंने बड़ी रकम निवेश कर दी। शुरुआत में कुछ निवेशकों को मामूली रिटर्न भी दिया गया, जिससे उनका भरोसा और मजबूत हो गया। इसके बाद, उनसे और अधिक पैसा निवेश करवाया गया। एक महिला को भारी निवेश के बाद हाईटेक कार भी गिफ्ट किए जाने की बात सामने आई है, जो इस धोखाधड़ी की जालसाजी को और भी गहरा बनाती है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार, बाकी फरार
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने जांच के दौरान मुख्य आरोपी हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस की टीम उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह मामला हाई-प्रोफाइल फ्रॉड का उदाहरण है, जिसमें सोशल नेटवर्किंग और भरोसे का इस्तेमाल कर लोगों को ठगा गया है। जांच जारी है और पुलिस इस जालसाजी के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में लगी है।











