मध्य प्रदेश के गुना में सड़क दुर्घटना और लूटपाट की भयावह घटना
मध्य प्रदेश के गुना जिले में नेशनल हाइवे-46 पर हुई एक चौंकाने वाली घटना ने क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया है। पुलिस के अनुसार, झारखंड (Jharkhand) के निवासी एक युवक और उसकी मंगेतर के साथ लूटपाट की गई। अपराधियों ने उन्हें सड़क के किनारे से जंगल की ओर खींच लिया और युवती के साथ गैंगरेप का प्रयास किया। विरोध करने पर युवक के साथ मारपीट की गई। जब युवती ने शोर मचाया, तो आरोपी मौके से भाग निकले।
घटना का विवरण और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित युवक राघौगढ़ (Raghaugarh) में एक प्लांट में इंजीनियर है। वह अपनी मंगेतर के साथ टेकरी मंदिर (Tikari Temple) में दर्शन करने के बाद बाइक से लौट रहा था। तभी नेशनल हाइवे-46 पर उसकी बाइक पंचर हो गई। दोनों सड़क किनारे खड़े होकर मदद का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान जंगल में छिपे हुए 6-7 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया।
बदमाशों ने दोनों को जंगल की ओर ले जाकर युवक के साथ मारपीट की। इसके बाद उन्होंने युवती के साथ गैंगरेप का प्रयास किया। युवती ने विरोध किया और शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई। उसकी आवाज सुनकर कुछ गुजर रहे लोग हरकत में आए, जिससे अपराधी घबरा गए। इसके बाद उन्होंने युवती का पर्स और मोबाइल लूटकर मौके से भाग गए।
पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और जांच
घटना की जानकारी मिलते ही डायल-112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। प्रारंभिक जांच के आधार पर अलग-अलग टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने युवक के साथ मारपीट की और युवती के साथ गैंगरेप का प्रयास किया। युवती के हाथ दुपट्टे से बांधकर उसके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी से चोट पहुंचाई गई। जब मंगेतर ने विरोध किया, तो उसे बुरी तरह पीटा गया। इस घटना के बाद पुलिस ने सात में से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी दो की तलाश जारी है।
एसपी हितिका वासल ने कहा कि महिला और पुरुष दोनों के साथ लूटपाट की घटना हुई है। बदमाशों ने युवती के साथ गैंगरेप की भी कोशिश की। चीख-पुकार सुनकर आरोपी भाग गए। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया है।
पुलिस ने बताया कि युवती गहरे सदमे में है। उसकी काउंसलिंग और मेडिकल सहायता का प्रबंध किया गया है। मौके से मिले सबूतों, फॉरेंसिक जांच और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।











