मध्य प्रदेश की युवती का दर्दनाक अनुभव और समाज की कुरीतियां
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की एक युवती ने अपने जीवन के भयावह अनुभवों को साझा किया है, जिसने समाज में व्याप्त कुप्रथाओं और अनैतिकताओं को उजागर किया है। उसने बताया कि जब वह केवल 14 वर्ष की थी, तभी से उसके घर में अनजान व्यक्तियों का आना-जाना शुरू हो गया था। यह कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि उसके अपने ही परिवार के सदस्यों ने ही उसे इस जघन्य अपराध का शिकार बनाया।
उसने खुलासा किया कि उसके माता-पिता और मामा ने चंद नोटों के बदले घर में अनधिकृत व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति दी। जब उसने इस अत्याचार की शिकायत अपनी बहनों या मां से की, तो उसे समाज की परंपराओं का हवाला देकर चुप करा दिया गया। इस कुप्रथा ने उसके घर को एक ऐसी जगह बना दिया था, जहां उसकी इज्जत का सौदा हर दिन 200 से 500 रुपये में होता था।
सामाजिक ढांचे और परिवार की जिम्मेदारी
युवती ने भोपाल के महिला थाने में अपनी आपबीती सुनाते हुए समाज के उस ढांचे पर सवाल उठाए, जिसमें पुरुष वर्ग अक्सर घर के बाहर ही रहता है और कोई काम नहीं करता। उसने कहा कि उसके पिता और भाई घर के बाहर बैठे रहते थे, जबकि उसकी और उसकी बहनों की कमाई पर ही परिवार का जीवन चलता था। वह कहती हैं, “हम इंसान नहीं, बल्कि नोट छापने वाली मशीनें थीं।” इस तरह की व्यवस्था ने उसकी जिंदगी को नरक बना दिया था, जहां उसकी अस्मत हर दिन खतरे में रहती थी।
खुद को बचाने का खतरनाक फैसला और पुलिस का रवैया
21 वर्ष की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते युवती ने तय कर लिया कि अब वह इस जीवन से तंग आ चुकी है। उसने घर छोड़ने का फैसला किया और शहर जाकर कोचिंग करने का झांसा दिया। उसके परिजन उसकी लालच में फंस गए और उसे शहर भेजने की अनुमति दे दी। लेकिन उसकी योजना थी कि वह अपने परिजनों को धोखा देकर इस जाल से बाहर निकल सके।
बोपाल पहुंचकर उसने स्थानीय पुलिस पर भी भरोसा नहीं किया। उसने कहा कि रतलाम में उसकी सुनवाई नहीं हो पाई क्योंकि वहां की पुलिस अक्सर मौन रहती है या रसूखदारों का साथ देती है। अब उसकी शिकायत पर उसके माता-पिता और मामा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
उसकी आंखों में आज भी अपनी आजादी की चाह है, लेकिन उसकी तीन बहनें अभी भी उसी नरक में फंसी हैं। उसने कहा, “मैं अब उस घर की देहरी पर कभी कदम नहीं रखूंगी, चाहे कुछ भी हो जाए।” उसने यह भी दावा किया कि हजारों लड़कियों की जिंदगी पर भी इसी तरह का अत्याचार हो रहा है, जो परंपराओं के नाम पर देह व्यापार के अंधकार में धकेली जा रही हैं। भोपाल पुलिस ने उसकी सुरक्षा सुनिश्चित कर उसे एक सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है और मामले की जांच तेज कर दी है।









