मध्य प्रदेश में मूंग की समर्थन मूल्य पर किसानों का गुस्सा फूटा
मध्य प्रदेश में मूंग की फसल के समर्थन मूल्य (MSP) पर 100 प्रतिशत खरीद की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा तेज हो गया है। नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन, विदिशा जैसे जिलों के किसान संगठनों ने मिलकर राजधानी भोपाल की ओर पैदल और ट्रैक्टर मार्च निकाला है। भोपाल-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसानों ने पहले से लगी बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए अपनी आवाज बुलंद की और लगातार भोपाल की सीमा की ओर बढ़ रहे हैं। किसान अपने मुद्दों को मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष रखना चाहते हैं।
मौजूदा खरीदी नीति से किसानों को हो रहा है आर्थिक नुकसान
किसानों का आरोप है कि राज्य सरकार की वर्तमान खरीदी नीति उनके लिए आर्थिक संकट बन गई है। सरकार ने समर्थन मूल्य पर मूंग की प्रति क्विंटल खरीद सीमा केवल 1 क्विंटल 20 किलो तय की है। जबकि किसानों का दावा है कि एक एकड़ खेत में औसतन 4 से 5 क्विंटल मूंग की फसल होती है। सरकार ने मूंग का समर्थन मूल्य 8,668 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इस नीति के कारण किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है।
खुले बाजार में मूंग की कीमतें और किसानों का नुकसान
मूंग की समर्थन मूल्य सीमा के कारण किसानों को खुले बाजार में अपनी फसल बेचने में मजबूरी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें केवल 3 से 4 क्विंटल मूंग ही बेचनी पड़ रही है, और वह भी 4000 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल के कम दाम पर। इससे हर क्विंटल मूंग पर किसानों को लगभग 3000 से 4000 रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, किसान अपने उत्पाद को उचित मूल्य दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।











