मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर पर कारण बताओ नोटिस जारी
डिंडोरी जिले के सरकारी अस्पताल में एक डॉक्टर के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आरोप है कि उन्होंने चूहे मारने के लिए जहर खाने वाले युवक के उपचार के दौरान पेट साफ करने की प्रक्रिया में पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर का उपयोग किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने विवाद को जन्म दिया है।
गैस्ट्रिक लैवेज और अस्पताल में उपचार प्रक्रिया का विवाद
गैस्ट्रिक लैवेज जिसे सामान्यतः ‘स्टमक पंपिंग’ कहा जाता है, आपातकालीन स्थिति में किया जाता है। इसमें गले के माध्यम से पेट में एक ट्यूब डालकर स्टराइल वॉटर या सलाइन से पेट को साफ किया जाता है। इस घटना में आरोप है कि अस्पताल के जूनियर डॉक्टर ने मरीज के परिवार से पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर लाने को कहा, जबकि अस्पताल में इस प्रक्रिया के लिए अपनी विशेष व्यवस्था मौजूद है।
डॉक्टर का खंडन और विपक्ष की प्रतिक्रिया
डॉक्टर ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि मरीज को नसों के जरिए कोई दवा या पानी नहीं दिया गया था। उन्होंने बताया कि मरीज सत्यम यादव (18) को जहर खाने के कारण भर्ती किया गया था और प्रक्रिया के दौरान पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर का इस्तेमाल नहीं किया गया। वहीं, विपक्षी नेता उमंग सिंघार ने इस घटना की निंदा करते हुए सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए हैं और जवाबदेही की मांग की है।











