राम मंदिर में धनराशि घोटाले के आरोपों पर कांग्रेस नेता की चिंता
अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावे और दान में हुई कथित गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालु जिन्होंने मंदिर निर्माण के लिए अपना योगदान दिया था, इस विवाद से बहुत निराश हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) की कार्रवाई जारी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम ट्रस्ट में नहीं, जांच में स्पष्टता
प्रेस वार्ता के दौरान, दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार अभी भी राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य हैं। परन्तु, ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट की जांच से पता चलता है कि वर्तमान में उनके नाम का कोई उल्लेख नहीं है।
पूर्व में गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्य कर चुके कुमार का ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में कोई सक्रिय पद नहीं है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी पुष्टि की कि CEC कुमार इस ट्रस्ट के सदस्य नहीं हैं।
आरोपों के बाद SIT जांच और राजनीतिक प्रतिक्रिया
7 जून को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर के लिए दान में दी गई करोड़ों रुपये की राशि गायब हो गई है। उन्होंने इस मामले को अदालत में संज्ञान में लेने का आग्रह किया।
इसके बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को ट्रस्ट की दान की रकम की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया। जांच टीम ने ट्रस्ट के महासचिव और प्रशासक से पूछताछ की और रिकॉर्ड की जांच की।
विवाद के चलते कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। ट्रस्ट ने इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।










