दिल्ली में इमारत गिरने से देवास के युवक की मौत
देवास निवासी अर्पित जाज की दुखद मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। दो दिन पहले दिल्ली के एक बहुमंजिला इमारत के ढहने की घटना में उसकी जान चली गई, जो पेइंग गेस्ट के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी।
अर्पित के पिता की भावुक अपील और परिवार का दर्द
मंगलवार को अपने बेटे को अंतिम बार विदाई देते समय, अर्पित के पिता भूपेन्द्र जाज ने अपने जज़्बातों को व्यक्त करते हुए सभी माता-पिता से यह अपील की कि वे अपने बच्चों को भविष्य में दिल्ली जैसे शहरों में पढ़ने के लिए न भेजें। उन्होंने कहा, “मैं टूट गया हूं। कई कठिनाइयों का सामना कर रहा था, फिर भी मैं अपने बेटे को शिक्षित कर रहा था।” अपने बेटे की मौत का दर्द व्यक्त करते हुए, उन्होंने यह भी बताया कि हादसे में अर्पित की एक आंख खराब हो गई थी, और परिवार ने उसकी दूसरी आंख दान करने का फैसला किया ताकि किसी जरूरतमंद का जीवन रोशन हो सके।
मृतक के परिवार का आरोप और प्रशासनिक लापरवाही
भूपेन्द्र जाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली प्रशासन और पुलिस ने हादसे के बाद उनकी मदद नहीं की। उन्होंने बताया कि इमारत गिरने के बाद वे अपने बेटे की तलाश में अस्पतालों और घटनास्थल पर गए, लेकिन कोई भी उन्हें सही जानकारी नहीं दे रहा था। अंत में, वकील की मदद से ही शव की पहचान संभव हो सकी। उन्होंने इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जर्जर इमारतों की जांच जरूरी है।










