रतलाम-झाबुआ सीमा पर पत्थरबाजी की घटनाएं बढ़ रही हैं
मध्य प्रदेश के रतलाम और झाबुआ जिलों के बीच गुजरने वाले दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेसवे पर पत्थरबाजी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को रतलाम और झाबुआ पुलिस ने NHAI (National Highways Authority of India) अधिकारियों के साथ बैठक कर इन घटनाओं को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने पर चर्चा की थी। इसके बावजूद, अगले ही दिन मंगलवार सुबह फिर से सड़क पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
पत्थरबाजी की घटना और नुकसान
इसी बीच, रतलाम के औद्योगिक थाना क्षेत्र के ईसरथुनी के पास ऊंची पहाड़ी से कुछ युवकों ने सड़क पर पत्थर फेंके। एक पत्थर तेज रफ्तार ट्रक के सामने के कांच से टकराकर टूट गया, जिससे वाहन का कांच क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रक चालक निलेश ने वाहन रोककर मोबाइल से पहाड़ी पर मौजूद युवकों का वीडियो बनाया और उन्हें आवाज लगाकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन युवक मौके से भाग निकले। इस घटना में लगभग 35 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। चालक ने घटना के बाद ट्रक लेकर धामनोद टोल नाके पर पहुंचकर टोलकर्मियों को पूरी जानकारी दी।
सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिक्रिया
8 लेन के इस एक्सप्रेसवे पर पत्थरबाजी की घटनाएं लगातार जारी हैं, और इन घटनाओं का एक नया वीडियो भी सामने आया है। इसमें ऊंची पहाड़ी से कुछ युवक सड़क पर पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। हालांकि, यह वीडियो किस स्थान का है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसे झाबुआ जिले के आसपास का माना जा रहा है। मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर हो रही इन घटनाओं को देखते हुए, सोमवार को रतलाम एसपी अमित कुमार, झाबुआ एसपी देवेंद्र पाटीदार और NHAI अधिकारियों की बैठक हुई थी। अधिकारियों ने सुरक्षा बढ़ाने और पत्थरबाजी रोकने के उपायों पर चर्चा की, लेकिन मंगलवार को फिर से हुई घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में जुटी है, और वाहन चालकों में डर का माहौल बना हुआ है।
वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस स्थिति पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर झाबुआ-रतलाम बॉर्डर के हिस्से में पत्थरबाजी की घटनाएं आम हो चुकी हैं। कार्रवाई न होने के कारण वीडियो वायरल हो रहे हैं। पहले गृहमंत्री मिलेंगे, फिर बैठक होगी, रिपोर्ट भेजी जाएगी, और अंत में रणनीति बनेगी।” इस तरह की घटनाओं ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।










