दमोह में शराबबंदी को लेकर विवाद और पंचायत का घटनाक्रम
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के सतरिया गांव में शराबबंदी के मुद्दे को लेकर तनाव बढ़ गया है। एक पिछड़े वर्ग के युवक ने सोशल मीडिया पर एक AI फोटो पोस्ट की, जिसके बाद उसकी पैर धुलवाने और पानी पिलाने की घटना सामने आई। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया है। पुलिस ने इस मामले में चार नामजद सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही, ओबीसी, एससी और एसटी संगठनों ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया।
पंचायत का आयोजन और विवादित दृश्य
गांव में अनुज पांडे और उनके समर्थकों की नाराजगी के कारण मामला थाने तक पहुंचने से पहले ही मंदिर में एक पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में पुरुषोत्तम कुशवाहा ने अनुज पांडे के पैर धोकर माफी मांगी। इस घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिससे यह तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और तनाव को जन्म दिया।
पुलिस और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। एसपी के निर्देश पर पटेरा थाना पुलिस ने चार नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद ओबीसी, एससी और एसटी संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इन संगठनों ने इस घटना को संविधान और मानवता के खिलाफ बताया और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस घटना पर राजनीतिक दलों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों पर अत्याचार हो रहे हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, तुरंत ही कार्रवाई की गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि जांच जारी है और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।











