मध्य प्रदेश में नई प्रवक्ता चयन प्रक्रिया का शुरुआत
मध्य प्रदेश की राजनीति में अब ‘टैलेंट’ का नाम चर्चा का विषय बन गया है। प्रदेश कांग्रेस ने संगठन में नई ऊर्जा और युवा प्रतिभाओं को शामिल करने के उद्देश्य से प्रवक्ताओं के चयन के लिए एक विशेष ‘टैलेंट हंट प्रोग्राम’ शुरू किया है। इस कदम का मकसद ऐसे व्यक्तियों को मौका देना है जो वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध, समसामयिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखने वाले और कांग्रेस की विचारधारा को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सक्षम हों।
प्रोग्राम की प्रक्रिया और चयन मानदंड
यह कार्यक्रम जिला, संभाग, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई है। संभाग स्तर पर इंटरव्यू होंगे, जिनमें AICC के नामित कोऑर्डिनेटर, टैलेंट हंट कमेटी, वरिष्ठ नेता और जिला अध्यक्ष मिलकर उम्मीदवारों का मूल्यांकन करेंगे। अंत में, चयन का निर्णय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा लिया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा, जिनमें मीडिया पैनलिस्ट, संभाग और जिला स्तर पर दो-दो प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट और एक अंग्रेजी मीडिया विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सियासी जंग
इस नई पहल पर बीजेपी नेताओं ने तंज कसते हुए कहा है कि कांग्रेस में टैलेंट की कमी है, इसलिए बाहर से प्रतिभाओं की तलाश की जा रही है। विधायक रामेश्वर शर्मा, गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर जैसे नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को अनुभव की जरूरत है, न कि केवल टैलेंट की। उनका मानना है कि यदि अनुभव नहीं होगा, तो कांग्रेस के कई नेता भी पार्टी छोड़कर चले जाएंगे। इस तरह, मध्य प्रदेश की राजनीति में प्रवक्ताओं का चयन अब सियासी जंग का हिस्सा बन चुका है, जहां कांग्रेस नई ऊर्जा के साथ संगठन को मजबूत करने का प्रयास कर रही है, वहीं बीजेपी इसे कांग्रेस की मजबूरी बताकर आलोचना कर रही है।









