मध्य प्रदेश के चित्रकूट में सड़क निर्माण की स्थिति पर विधायक का गहरा गुस्सा
मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में सड़कें और निर्माण कार्यों की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय विधायक ने तीव्र नाराजगी व्यक्त की है। मंगलवार को उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यालय पहुंचकर मुख्य अभियंता पंकज खड़ारे के समक्ष विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर कठोर टिप्पणी की। इस दौरान विधायक ने कहा कि क्षेत्र में सड़कें इतनी जर्जर हैं कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे “विधायक जी मर जाएं या पांच साल पूरे हो जाएं, तभी काम पूरा होगा।” यह बयान क्षेत्र में निर्माण कार्य की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और गुणवत्ता की अनदेखी के आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में चित्रकूट विधानसभा के लिए लगभग 1100 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली, लेकिन इन सड़कों का निर्माण कार्य अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कई सड़कों का काम कागजों में तो पूरा दिखाया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई वास्तविक निर्माण कार्य नजर नहीं आता। इससे निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी में भारी लापरवाही उजागर हो रही है। इस स्थिति के चलते क्षेत्र में जनता की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
कार्रवाई के बाद विभाग ने लिया सख्त कदम
विधायक की तीव्र नाराजगी के बाद विभाग ने तुरंत ही कार्रवाई की। उन्होंने मझगवां में प्रभारी SDO अश्वनी निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। आरोप था कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी विकास कार्यों के बजाय अन्य मामलों में अधिक ध्यान दे रहे हैं। विधायक के विरोध और कड़े तेवर दिखाने के बाद विभाग ने तुरंत ही कदम उठाते हुए मुख्य अभियंता के निर्देश पर अश्वनी निगम को उनके पद से हटा दिया। उनकी जगह दूसरे सहायक इंजीनियर को मझगवां का प्रभार सौंपा गया है। मुख्य अभियंता ने विधायक को भरोसा दिलाया है कि सभी शिकायतों का परीक्षण कराकर शीघ्र समाधान किया जाएगा।











