मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा अस्पताल में आग से नवजात शिशुओं की मौत
छिंदवाड़ा जिले के अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में शनिवार तड़के अचानक लगी आग ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। इस हादसे में तीन नवजात शिशु झुलस गए, जिनमें से एक बच्ची जबलपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुखद घटना ने अस्पताल प्रशासन और परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान किया
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की और मृतक बच्ची के परिजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जबलपुर मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन अन्य दो नवजात बच्चों का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इस घटना के तुरंत बाद अस्पताल के स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने के उपकरणों का इस्तेमाल किया और ऑक्सीजन सप्लाई लाइन बंद कर बड़े हादसे को टालने में सफलता पाई। यूनिट में मौजूद 33 नवजातों में से 30 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
आग लगने के कारण और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
आग लगने के तुरंत बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने सक्रियता दिखाते हुए आग पर काबू पाया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों झुलसे बच्चों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इनमें से एक नवजात की हालत अत्यंत गंभीर थी, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल मच गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल मरीजों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने हादसे के तकनीकी कारणों की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर लिए गए हैं।









