मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में गाय से जुड़े रेबीज़ का खतरा फैलने का मामला
छिंदवाड़ा जिले में एक शादी समारोह के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। गांव में बारातियों और स्थानीय निवासियों को उस गाय के दूध से बनी छाछ परोसी गई थी, जिसमें बाद में रेबीज़ जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। इस घटना के प्रकाश में आने के बाद प्रशासन ने तुरंत ही गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर प्रभावित लोगों को एंटी रेबीज़ टीके लगाने का अभियान शुरू कर दिया है।
गाय की अचानक बिगड़ी तबीयत और संक्रमण का संदेह
जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले ही उस गांव में शादी का आयोजन हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में मेहमानों ने भोजन के साथ-साथ छाछ का सेवन किया। अगले ही दिन गाय की अचानक से तबीयत खराब हो गई। जांच में पता चला कि कुछ समय पहले ही उस गाय को एक कुत्ते ने काटा था। इस घटना के बाद गांव में भय का माहौल फैल गया है। पशु चिकित्सकों ने गाय का निरीक्षण कर बताया कि गाय में रेबीज़ से मिलते-जुलते लक्षण नजर आ रहे हैं।
गांव में स्वास्थ्य सुरक्षा के कदम और टीकाकरण अभियान
पशु चिकित्सक डॉ. लोकेश बेलवंशी ने बताया कि गाय लगातार लार गिरा रही थी, उसका व्यवहार असामान्य था और वह सिर पटक रही थी। ये लक्षण रेबीज़ संक्रमण की ओर संकेत कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत ही गांव पहुंची। बीएमओ डॉ. पुष्पारानी सिंह ने बताया कि जिन्होंने भी बीमार गाय के दूध से बने दही और छाछ का सेवन किया है, उन्हें सावधानी के तौर पर एंटी रेबीज़ टीके लगाए जा रहे हैं। अब तक लगभग 250 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, शादी में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में मेहमान आए थे। प्रशासन उन सभी से संपर्क कर रहा है जिन्होंने समारोह में भोजन किया था। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सतर्कता बरत रही हैं और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।









