छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत, पुलिस ने कार्रवाई तेज की
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जानलेवा कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। इस मामले में पुलिस ने फार्मास्युटिकल कंपनी श्रीसन फार्मा के फरार मालिकों पर इनाम घोषित किया है। जिन भी व्यक्तियों को इन आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद मिलेगी, उन्हें 20,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही, इस मामले की जांच के लिए विशेष एसआईटी (SIT) टीम का गठन भी किया गया है।
इनाम और गोपनीयता का आश्वासन, पुलिस की कार्रवाई तेज
छिंदवाड़ा जोन के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) राकेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति इस मामले में जानकारी देगा या फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में सहायता करेगा, उसे 20,000 रुपये का नकद इनाम मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ना है, ताकि बच्चों की मौत का रहस्य उजागर हो सके।
मध्य प्रदेश और तमिलनाडु सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बुधवार को कहा कि राज्य में 20 बच्चों की मौत दूषित कफ सिरप पीने से हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लिए जिम्मेदार तमिलनाडु सरकार की लापरवाही है। पटेल ने बताया कि तमिलनाडु सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि बाहर भेजी जाने वाली दवाओं की जांच हो। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार भी अपनी तरफ से दवाओं की रैंडम जांच करती है, लेकिन यह सिरप संयोगवश जांच से बाहर रह गया।
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कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर CDSCO (Central Drugs Standard Control Organization) की चेतावनी को नजरअंदाज किया गया। मध्य प्रदेश पुलिस ने इस सिरप बनाने वाली फैक्ट्री की जांच की है और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही, WHO (World Health Organization) ने भारत से पूछा है कि किन-किन देशों में यह सिरप भेजी गई है। पुलिस का कहना है कि सिरप कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया जाएगा, और तमिलनाडु में भी कार्रवाई की जा रही है।











