मध्य प्रदेश में एंबुलेंस का अनोखा मामला सामने आया
छतरपुर जिले में एक हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है, जिसमें 108 एंबुलेंस में एक कॉलेज छात्रा मिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में खलबली मचा दी है। स्थानीय लोगों ने संदिग्ध वाहन का पीछा किया और अंततः एंबुलेंस को रुकवाया, जिसमें छात्रा बैठी मिली। इस घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
छात्रा को लेकर एंबुलेंस का पीछा और हंगामा
सूत्रों के अनुसार, एंबुलेंस के चालक भगत सिंह यादव और कर्मचारी जितेंद्र मिश्रा ने छात्रा को वाहन में बिठाया और शहर से बाहर फोर लेन की दिशा में रवाना हो गए। इस दौरान स्थानीय लोगों को संदेह हुआ और उन्होंने वाहन का पीछा करना शुरू कर दिया। पीछा करते हुए उन्होंने मोबाइल से वीडियो भी बनाना शुरू कर दिया। चालक ने अपनी रफ्तार बढ़ाई और गाड़ियों को काटते हुए आगे निकलने का प्रयास किया, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। कुछ दूरी पर लोगों ने अपनी गाड़ियां लगाकर एंबुलेंस को रोक लिया। इस दौरान चालक और स्थानीय लोगों के बीच बहस भी हुई, जिसके बाद दरवाजा खोलकर अंदर छात्रा को देखा गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया।
प्रशासन की चुप्पी और कार्रवाई का सिलसिला
मामले में जब बृजेंद्र सिंह से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने भोपाल स्थित हेड ऑफिस का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के मीडिया प्रभारी तरुण सिंह ही आधिकारिक बयान देंगे। इस बीच, प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस चालक भगत सिंह यादव को नौकरी से निकाल दिया है। इस घटना ने एंबुलेंस सेवा और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।










