प्रधानमंत्री की अपील के बावजूद नेताओं का काफिला विवाद का कारण बना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही दो बार देशवासियों से ईंधन की बचत करने और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की अपील की है, ताकि ऊर्जा संकट से निपटा जा सके। उन्होंने कहा था कि कम से कम वाहनों का उपयोग करें और ऊर्जा संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानें। इसके बावजूद, मध्य प्रदेश के भोपाल में एक वीडियो ने नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें बीजेपी नेता सौरभ सिंह ठाकुर का लंबा काफिला उज्जैन से भोपाल तक चलता नजर आ रहा है। यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोगों में चिंता और नाराजगी का माहौल बन गया है।
बड़ी संख्या में गाड़ियों का काफिला और ट्रैफिक जाम की समस्या
सौरभ सिंह ठाकुर उज्जैन से अपने समर्थकों के साथ सुबह निकले, और जैसे-जैसे उनका काफिला आगे बढ़ा, गाड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। रास्ते में समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया, और कई स्थानों पर ढोल-नगाड़े बजाए गए। इस दौरान सड़क किनारे भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे ट्रैफिक धीमा पड़ गया और अन्य वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इस विशाल काफिले का दृश्य स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
नेता का जवाब और राजनीतिक माहौल
इस मामले में सौरभ सिंह ठाकुर ने अपने बयान में कहा कि वह ग्रामीण परिवेश से हैं और उनके गांव में सभी परिवार की तरह रहते हैं। उन्होंने बताया कि पदभार ग्रहण के समय उनके साथ 25 गाड़ियां थीं, लेकिन रास्ते में और लोग जुड़ते गए और काफिला लंबा हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता था कि इतनी गाड़ियों का काफिला बन गया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने गलती मानी है, तो उन्होंने कहा कि इसमें गलत क्या है, उन्हें पता ही नहीं चला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों को संबोधित करते हुए ईंधन की बचत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी चाहिए और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग प्राथमिकता देनी चाहिए। इस संदर्भ में, इस तरह के बड़े काफिले का प्रदर्शन राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तर पर सवाल खड़े कर रहा है।











