पश्चिम चंपारण के माधोपुर में जर्जर पुल बन रहा खतरा
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में स्थित मझौलिया प्रखंड के माधोपुर गांव में मौजूद पुराना लोहे का पुल अब ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन चुका है। वर्षों पुराना यह पुल अब पूरी तरह से जर्जर हो चुका है और उसकी स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। इस पुल से गुजरने वाले लोग हर समय किसी बड़े हादसे का खतरा महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों की चिंता और प्रशासन की अनदेखी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। लेकिन पुल की कमजोर संरचना और जगह-जगह दिखाई दे रहे नुकसान के कारण यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बार-बार पुल की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मौसम और प्रशासनिक लापरवाही से बढ़ रहा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे में जर्जर पुल किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत तकनीकी जांच कराकर पुल के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है। साथ ही माधोपुर पंचायत के वार्ड संख्या-5 और 6 को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के निर्माण की भी मांग की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों ही बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति विकास कार्यों पर सवाल खड़े कर रही है। यदि जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों की होगी। फिलहाल, इलाके के लोग प्रशासन की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं।








