मध्य प्रदेश के जंगलों में तेंदुओं की तस्करी का बड़ा खुलासा
मध्य प्रदेश के वन्यजीव क्षेत्र में तेंदुओं के शिकार और उनकी खाल व अंगों की अंतरराज्यीय तस्करी का जाल सामने आया है। उत्तर प्रदेश वन विभाग, मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की संयुक्त कार्रवाई में अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आश्चर्यजनक बात यह है कि जांच के दौरान दिल्ली के एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है, जो देश में वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।
जांच में नए खुलासे और संगठन से जुड़ी भूमिका
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, तंत्र के तार नए व्यक्तियों और संस्थाओं तक पहुंचते नजर आ रहे हैं। आगरा से गिरफ्तार दो आरोपियों के दिल्ली स्थित एक प्रमुख वन्यजीव संरक्षण संगठन से कथित संबंधों की जानकारी मिलने के बाद जांच और भी गहरी हो गई है। इसी क्रम में STSF ने NGO के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को 17 अगस्त को शिवपुरी में जांच अधिकारी के सामने पेश होने का नोटिस जारी किया है।
गिरफ्तार आरोपियों और NGO से जुड़े आरोप
जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी भगवान सिंह उर्फ सलीम को वन्यजीव तस्करी का पुराना अपराधी माना जा रहा है। उसे 11 अगस्त को हिरासत में लिया गया था, जबकि उसके साथी वसीम की गिरफ्तारी 13 अगस्त को हुई। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आरोपी पिछले पांच वर्षों से एक वन्यजीव संरक्षण NGO से जुड़े हुए थे। इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी, लेकिन फिलहाल STSF ने NGO के CEO से पूछताछ शुरू कर दी है।











