भोपाल में भारी बारिश ने जनजीवन को किया प्रभावित
मानसून का लंबा इंतजार खत्म होते ही भोपाल पर अचानक हुई तेज बारिश ने शहर में भारी तबाही मचा दी। महज बारह घंटों में लगभग सात इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो इस सीजन की सबसे अधिक बारिश है। इससे पहले अगस्त 2025 में पूरे महीने में करीब पांच इंच बारिश हुई थी, लेकिन इस बार मात्र आधे दिन में ही उससे भी ज्यादा पानी गिर गया। इस अप्रत्याशित बारिश ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोल दी और निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा कर दी।
निचले इलाकों में जलभराव और घरों में पानी घुसना
भोपाल के निशातपुरा, शिव नगर, गीता नगर और कल्याण नगर जैसे इलाकों में भारी बारिश का सबसे अधिक असर देखा गया। कई स्थानों पर पानी कमर के ऊपर तक पहुंच गया, जिससे घरों में पानी घुसने लगा। रहवासियों को अपने सामान को सुरक्षित रखने के लिए संघर्ष करना पड़ा और कई परिवार ऊंची जगहों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। तेज बहाव के कारण कई वाहन भी पानी में फंस गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल इन इलाकों में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकला है।
जलभराव और सड़कें डूबने से यातायात प्रभावित
बड़ी संख्या में इलाकों में जलजमाव के कारण सड़कें पानी में डूब गईं, जिनमें कोलार रोड, नारियलखेड़ा, बैरसिया रोड, गांधी नगर, होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड और बैरागढ़ प्रमुख हैं। इन इलाकों में जलभराव के चलते आवागमन में भारी परेशानी हुई और कई जगह पेड़ गिरने की घटनाएं भी देखी गईं। बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ, और कुछ घंटों की तेज बारिश ने शहर की रफ्तार को रोक दिया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन कदम उठाए हैं।









