मध्य प्रदेश में डिजिटल लत से छात्र की आत्महत्या का मामला
भोपाल (Bhopal) में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 14 वर्षीय छात्र ने मोबाइल की लत के कारण फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना पिपलानी थाना क्षेत्र की है, जहां रहने वाले अंश साहू अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह 9वीं कक्षा में पढ़ता था और लंबे समय से मोबाइल गेमिंग की गिरफ्त में था।
परिजनों का कहना है कि अंश को मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने की आदत बहुत थी और वह किसी भी तरह की टोकाटाकी बर्दाश्त नहीं करता था। जब उसकी मां ने उसे मोबाइल कम इस्तेमाल करने को कहा, तो उसने नाराज होकर खुदकुशी कर ली। घटना के समय माता-पिता शहर से बाहर एक तेरहवीं के कार्यक्रम में गए हुए थे। जब वे लौटे, तो उन्होंने देखा कि अंश फांसी के फंदे पर लटका हुआ है।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी, मोबाइल की भूमिका मुख्य
पुलिस ने मौके से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है। एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी ने बताया कि छात्र मोबाइल का बहुत आदी था और उसकी डिजिटल गतिविधियों की जांच की जाएगी। अभी तक घर में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारण स्पष्ट हो सके।
डिजिटल लत और मानसिक स्वास्थ्य का बढ़ता खतरा
यह घटना इस बात को उजागर करती है कि डिजिटल लत कितनी खतरनाक हो सकती है, खासकर किशोरावस्था में। विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की लत से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, और इससे आत्महत्या जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों की डिजिटल आदतों पर नजर रखें और समय-समय पर संवाद करें।









