जबलपुर के बरगी डैम पर क्रूज हादसे का भयावह दृश्य
नर्मदा नदी (Narmada River) में गुरुवार शाम को आईं ऐसी लहरें, जिन्होंने एक खुशहाल यात्रा को मातम में बदल दिया। जबलपुर के बरगी डैम (Barghi Dam) में एक क्रूज हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। इस हादसे में एक मां अपने चार वर्षीय बेटे को अपने सीने से चिपकाए हुए अंतिम सांस तक उसकी रक्षा करने का प्रयास कर रही थी। यह दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें भर आईं।
रात का सीन और बचाव कार्य की जद्दोजहद
गुरुवार रात का समय जबलपुर के बरगी डैम का इलाका किसी युद्धस्थल जैसा दिख रहा था। वहां सैकड़ों सरकारी वाहन, पुलिस बल, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), सेना के जवान और तेज रोशनी से जगमगाते फ्लडलाइट्स मौजूद थे। इन सबके बीच, पानी में डूबा हुआ क्रूज और उसकी भयावह स्थिति हर किसी के मन को झकझोर रही थी। उस रात, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह (Rakesh Singh) लगातार फोन पर अपडेट ले रहे थे, वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) भी पल-पल की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। लेकिन उस समय किसी के पास भी इस त्रासदी का कोई स्पष्ट उत्तर नहीं था।
मां और बच्चे की दर्दनाक तस्वीर और राहत की कोशिशें
करीब आधे घंटे बाद जब गोताखोरों ने शवों को खोजा, तो एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने हर किसी का हृदय दहला दिया। एक महिला का शव मिला, जिसके सीने से एक छोटा बच्चा कसकर चिपका हुआ था। मानो मां अपने बेटे को अंतिम बार अपने सीने से लगा रही हो, उसकी रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही हो। यह वही मां थी, जिसने अपने लाल को बचाने के लिए आखिरी सांस तक संघर्ष किया। इस दृश्य ने सभी को स्तब्ध कर दिया।
प्रदीप नामक एक व्यक्ति, जो दिल्ली (Delhi) से आया था, अपनी पत्नी और बच्चों के साथ इस हादसे का शिकार हो गया। वह परिवार बरगी डैम पर क्रूज की सवारी का आनंद ले रहा था, जब अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं और ऊंची लहरों ने सब कुछ बदल दिया। प्रदीप ने बताया कि जैसे ही उन्होंने लाइफ जैकेट बांटना शुरू किया, क्रूज अचानक झुक गया और सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। रातभर का इंतजार और बचाव कार्य के दौरान, हर पल भारी था। सेना और रेस्क्यू टीमों ने पानी में उतरकर शवों को बाहर निकाला, जिनमें से एक शव की तस्वीर ने हर किसी को झकझोर दिया। उस शव के साथ, एक मां अपने बच्चे को अपने सीने से लगाए हुए थी, जैसे मौत से लड़ते-लड़ते दोनों एक साथ सो गए हों।
यह हादसा उस समय हुआ, जब मौसम विभाग ने पहले ही तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया था। बावजूद इसके, क्रूज को नर्मदा में उतार दिया गया। जब स्थिति बिगड़ी, तब लाइफ जैकेट बांटी गई, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। इस हादसे में नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि छह अभी भी लापता हैं। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार खोजबीन कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन लोगों को सम्मानित करने की घोषणा की, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर पर्यटकों को बचाया। साथ ही, इस तरह के हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा का आदेश भी दिया गया है।











