जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे की न्यायिक जांच का आदेश
जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज दुर्घटना के मद्देनजर राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश जारी किए हैं। यह हादसा 30 अप्रैल को हुआ था, जिसमें एक क्रूज डूब गया और इस दुर्घटना में 13 लोगों की जान चली गई। सरकार ने इस मामले की गहराई से जांच कराने का फैसला लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
जांच के लिए नियुक्त जज और रिपोर्ट का समय
इस जांच की जिम्मेदारी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी को सौंपी गई है, जिन्हें जांच आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आयोग को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस जांच में केवल हादसे की वजह ही नहीं देखी जाएगी, बल्कि उससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात की भी समीक्षा की जाएगी।
हादसे की जांच में शामिल होने वाली प्रमुख बातें
जांच आयोग को हादसे के कारणों का पता लगाने के साथ ही उस समय और उसके बाद किए गए बचाव और राहत कार्यों का भी विश्लेषण करना है। इसके अलावा, सरकार ने तय किया है कि राज्य में चल रही सभी नावों, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट किया जाएगा। इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021 और NDMA बोट सेफ्टी गाइडलाइंस 2017 के तहत सभी जलयानों की जांच और प्रमाणीकरण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया जाएगा।
इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021 का उद्देश्य देश के नदियों, झीलों और डैम जैसे जल क्षेत्रों में चलने वाले सभी जलयानों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है। इसमें जहाज, नौका, फेरी, मालवाहक पोत और पाल पोत जैसी सभी जल परिवहन सेवाओं को शामिल किया गया है। इस कानून के तहत, सरकार तय करती है कि इन जलयानों का डिजाइन, निर्माण और संचालन में किन सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। साथ ही, इनकी नियमित जांच और सर्वे का भी प्रावधान है, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या दुर्घटना से बचा जा सके।
NDMA बोट सेफ्टी गाइडलाइंस 2017 का उद्देश्य भारत में नाव सुरक्षा को मजबूत बनाना है। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, हर नाव में जरूरी सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षित स्टाफ और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन अनिवार्य है। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके। सरकार का मानना है कि इस जांच का मुख्य उद्देश्य हादसे की वजह जानना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाना भी है।









