हरियाणा में फैंसी और वीआईपी नंबर नीलामी का विवाद
हरियाणा परिवहन विभाग ने हाल ही में फैंसी और वीआईपी वाहन नंबरों की नीलामी के लिए बोली लगाने का आयोजन किया था, जिसमें कई इच्छुक व्यक्तियों ने भाग लिया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य न केवल प्रतिष्ठा बढ़ाना था, बल्कि राज्य के राजस्व में भी वृद्धि करना था। इस बार की नीलामी में हिसार के सुधीर कुमार ने एक खास नंबर के लिए 1 करोड़ 17 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाई थी।
बोली में धांधली या असली आर्थिक क्षमता का सवाल?
नीलामी के दौरान सुधीर कुमार ने 11 हजार रुपये की सुरक्षा राशि जमा कराई थी, लेकिन अंतिम दिन उन्होंने यह रकम नहीं दी। इसके बाद उनका नाम विभाग की सूची से हटा दिया गया। विभाग ने इस मामले में जांच का आदेश दिया है, जिसमें सुधीर की संपत्ति और आय का विश्लेषण किया जाएगा। परिवहन मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि बोली लगाने वाले की आर्थिक स्थिति की पूरी जांच कराई जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसकी वित्तीय क्षमता इस बोली के अनुरूप है या नहीं।
सुधीर कुमार का पक्ष और विभाग की कार्रवाई
हिसार के सुधीर कुमार ने अपने समर्थन में कहा कि वे बेंगलुरु में कार्यरत हैं और उनका परिवार व्यवसायी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले भी वीआईपी नंबर के लिए बोली लगाई है और इस बार भी कुछ भुगतान कर चुके हैं। सुधीर ने यह भी कहा कि उनके ज्योतिषियों ने कहा था कि यह नंबर उनके लिए शुभ साबित हो सकता है। साथ ही, उन्होंने विभाग को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
विभाग ने सुधीर की संपत्ति और आय की जांच का आदेश देते हुए कहा है कि यदि आवश्यक हो तो आयकर विभाग से भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बोली लगाने वाले की आर्थिक स्थिति उसके दावों के अनुरूप हो। सुधीर का कहना है कि वह सरकार का समर्थन करते हैं और पूरी ईमानदारी से जांच में सहयोग करेंगे।










