महाराष्ट्र में रेजिडेंट डॉक्टरों का हड़ताल का ऐलान
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रेजिडेंट डॉक्टरों ने सातारा की डॉक्टर संपदा मुंडे को न्याय दिलाने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के तहत गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आज से सभी आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं। डॉक्टरों ने इमरजेंसी विभाग के बाहर जमा होकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
डॉक्टरों की प्रमुख मांगें और सरकार की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MART) के जनरल सेक्रेटरी डॉ. स्वप्निल केंद्रे ने कहा कि सरकार ने इस मामले में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो जल्द ही इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) और इनडोर सेवाएं भी बंद करनी पड़ सकती हैं। डॉक्टरों ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
आंदोलन का विस्तार और भविष्य की रणनीति
डॉक्टरों ने कहा है कि यदि सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो प्राइवेट अस्पतालों के एसोसिएशन भी इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। इससे इमरजेंसी सेवाओं को भी बाधित करने का खतरा है। डॉ. केंद्रे ने कहा कि यदि मरीजों को कोई परेशानी हुई तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि सात तारीख से संबंधित प्राइवेट संस्थान भी इस आंदोलन में भाग लेंगे।
संबंधित मुद्दे और न्याय की मांग
डॉक्टरों ने मांग की है कि सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम हैं, विशेष रूप से पुलिस अधिकारियों, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, राज्य की महिला डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए तुरंत प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाना चाहिए। कुछ दिन पहले ही सातारा के फलटण में डॉ. संपदा मुंडे का शव एक होटल में पाया गया था, जिसमें उन्होंने उत्पीड़न का आरोप लगाया था। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।











