हरियाणा के आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को CBI ने किया गिरफ्तार
मंगलवार को पंचकूला की अदालत ने हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को दो दिनों की CBI हिरासत में भेज दिया। उन्हें सोमवार रात IDFC फर्स्ट बैंक स्कैम मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला पिछले एक हफ्ते में CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए दूसरे IAS अधिकारी का है। इससे पहले, CBI ने आरके सिंह नामक एक अन्य आईएएस अधिकारी को फंड के दुरुपयोग के आरोप में हिरासत में लिया था।
गिरफ्तारी का कारण और जांच का विवरण
सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि पंकज अग्रवाल, जो उस समय स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग के प्रधान सचिव थे, उन्हें हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल के मामले में गिरफ्तार किया गया है। ये खाते चंडीगढ़ (Chandigarh) के सेक्टर 32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक शाखा में खोले गए थे।
खातों का खुलासा और सरकारी नियमों का उल्लंघन
जांच में पता चला कि इन खातों को हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के नियमों का उल्लंघन कर खोला गया था। बाद में इन खातों से निर्धारित सीमा से अधिक फंड ट्रांसफर किए गए। ये खाते उस समय खोले गए थे जब पंकज अग्रवाल प्रधान सचिव के पद पर थे। हरियाणा सरकार के निर्देश पर सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू की, जिसमें यह भी सामने आया कि इन खातों में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। इससे राज्य को कुल 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
सीबीआई ने बताया कि जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ मजबूत सबूत जुटाए गए हैं। यह मामला हरियाणा के आठ विभागों के 504 करोड़ रुपये के फंड के फर्जीवाड़े का हिस्सा है, जिसमें शेल कंपनियों में पैसा भेजा गया था। अभी तक, सीबीआई ने इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, प्राइवेट व्यक्ति और कंपनियां शामिल हैं।
इसके अलावा, पंचकूला नगर निगम में गबन के मामले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी आरके सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साथ ही, सीबीआई ने चंडीगढ़ (Chandigarh) के स्मार्ट सिटी (CSCL) और CREST से जुड़े दो अन्य मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की है। इन मामलों में भी कई बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और प्राइवेट व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।











