ईरान-इजरायल और अमेरिका के तनाव का प्रभाव भारतीय मजदूरों पर
वर्तमान में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध जैसे हालात का असर हजारों किलोमीटर दूर भारत में काम कर रहे श्रमिकों पर भी दिखाई दे रहा है। हरियाणा के गोहाना जिले के बिधल गांव के दो सगे भाई, अनिल मलिक और अमित मलिक, इस समय कतर (Qatar) और दुबई (Dubai) में फंसे हुए हैं। दोनों भाई मर्चेंट नेवी (Merchant Navy) के तहत तेल और गैस रिग लाइन (Oil and Gas Rig Line) पर कार्यरत हैं, और इन दिनों उनके परिवार में चिंता का माहौल है।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव और भारतीय कर्मचारियों का संकट
सूत्रों के अनुसार, ईरान की ओर से सऊदी अरब (Saudi Arabia) में अमेरिकी एयरबेस (US Air Base) पर मिसाइल हमले और अन्य सैन्य कार्रवाई के कारण क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। लगातार गोलाबारी और संभावित हमलों की आशंका के मद्देनजर कंपनियों ने सुरक्षा के कड़े कदम उठाए हैं। समुद्र में काम कर रहे कर्मचारियों को हेलीकॉप्टर (Helicopter) के माध्यम से शहर में शिफ्ट किया गया है। अनिल और अमित मलिक को जहाज से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, जहां उन्हें होटल में ठहराया गया है। दोनों भाइयों ने वीडियो कॉल के जरिए अपने परिजनों को अपनी स्थिति की जानकारी दी है।
समुद्र में तेल रिग पर काम कर रहे भारतीय मजदूरों का अनुभव
अमित मलिक और अनिल मलिक का परिवार सामान्य किसान परिवार से है। उनके पास लगभग ढाई एकड़ जमीन है। बेहतर जीवन और अधिक आय की आशा में अमित करीब दस साल पहले विदेश गए थे, और बाद में उन्होंने अपने बड़े भाई अनिल को भी इसी क्षेत्र में काम दिलाया। दोनों भाई तेल और गैस रिग लाइन पर कार्यरत हैं, जहां काम अत्यंत जोखिम भरा होता है। रिग लाइन पर कर्मचारियों को हेलीकॉप्टर से समुद्र के बीच जहाज तक पहुंचाया जाता है। वहां उन्हें 28 दिनों तक 12-12 घंटे की शिफ्ट में काम करना पड़ता है। समुद्र के भीतर करीब 18 से 20 हजार फीट तक ड्रिलिंग कर तेल और गैस निकाली जाती है। इन कठिन परिस्थितियों में काम करना पहले ही चुनौतीपूर्ण है, ऊपर से युद्ध जैसी स्थिति ने खतरे को और बढ़ा दिया है।
अमित मलिक ने अपने परिवार को बताया कि होटल में ठहरने के दौरान उनके ऊपर से एक मिसाइल गुजरती दिखाई दी, जिसे डिफेंस सिस्टम (Defense System) ने हवा में ही नष्ट कर दिया। वहीं अनिल मलिक के अनुसार, बेस कैंप पर अचानक वॉर्निंग सायरन (Warning Siren) बजने लगी। आसमान में मिसाइल दिखाई देने के बाद सभी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया। अभी भी रिग लाइन पर करीब ढाई सौ से अधिक कर्मचारी मौजूद हैं। खतरे को देखते हुए हेलीकॉप्टर उड़ानें रोक दी गई हैं और कर्मचारियों को होटल में ही रहने और बाहर न न निकलने के निर्देश दिए गए हैं। भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने भी हेल्पलाइन जारी कर सभी भारतीयों से संपर्क में रहने की अपील की है।
परिवार और गांव में चिंता का माहौल, भारतीय मजदूरों की सुरक्षित वापसी की कामना
गांव बिधल में परिवार के सदस्य हर पल फोन कॉल का इंतजार कर रहे हैं। पत्नी, बच्चे और बुजुर्ग पिता उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। बेहतर जीवन के लिए विदेश गए इन दोनों भाइयों की वर्तमान स्थिति पूरे परिवार के लिए चिंता का विषय बन गई है। समुद्र में काम कर रहे इन भारतीय मजदूरों की सुरक्षित वापसी के लिए पूरा गांव प्रार्थना कर रहा है।











