द्वारका एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क दुर्घटना
द्वारका एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार से आ रही कैब ने लोडिंग ई-रिक्शा को पीछे से टक्कर मार दी। इस टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा में लदा हुआ लोहा का सरिया चालक के सीने को चीरते हुए उसके शरीर से बाहर निकल गया। इस हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला यात्री गंभीर रूप से घायल हो गई।
तेज रफ्तार वाहन और ओवरटेक की गलती ने बढ़ाई दुर्घटना की भयावहता
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह दुर्घटना दोपहर के समय हुई, जब एक्सप्रेसवे पर वाहन बहुत तेज गति से दौड़ रहे थे। इसी दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए एक लोडिंग ई-रिक्शा फास्ट लेन में ओवरटेक कर रहा था। पीछे से आ रही तेज रफ्तार कैब ने उसे समय रहते नहीं बचाया और जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर के तुरंत बाद, ई-रिक्शा में लदा हुआ लंबा लोहे का सरिया कैब के आगे के हिस्से में घुस गया। इनमें से एक सरिया चालक के सीने को चीरते हुए बाहर निकल गया। इस दृश्य ने सभी को हिला कर रख दिया, और मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया।
मौके पर राहत कार्य और जांच प्रक्रिया
घायल महिला को स्थानीय लोगों ने किसी तरह कैब से बाहर निकाला। वहीं, चालक की स्थिति देखकर हर कोई हैरान था कि उसकी मदद कैसे की जाए, क्योंकि वह सरिए में बुरी तरह फंसा हुआ था। कुछ ही देर में पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए।
टीम ने कटर की मदद से लोहे के सरिए को काटा और काफी प्रयास के बाद चालक का शव वाहन से बाहर निकाला। शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। घायल महिला का इलाज अस्पताल में जारी है।
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी सतपाल ने बताया कि यह हादसा अत्यंत दर्दनाक था। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार कैब ने आगे चल रहे लोडिंग ई-रिक्शा को पीछे से टक्कर मारी। टक्कर के दौरान, ई-रिक्शा में लदा हुआ सरिया कैब के अंदर घुस गया और चालक के सीने को चीरते हुए बाहर निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साथ ही, एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हादसे की सही वजह का पता चल सके। प्रारंभिक जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कैब की रफ्तार कितनी थी और ई-रिक्शा ओवरटेक लेन में किस परिस्थिति में चल रहा था।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि तेज रफ्तार वाहनों के लिए बनी ओवरटेक लेन में धीमी गति से चलने वाले लोडिंग ई-रिक्शा की एंट्री कैसे हुई।
इसके अलावा, ई-रिक्शा में खुलेआम बिना सुरक्षा उपायों के लंबे लोहे के सरिए ले जाए जा रहे थे, जिनमें से कोई चेतावनी संकेत या लाल कपड़ा भी नहीं था। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन क्यों हुआ, यह भी जांच का हिस्सा है।
वर्तमान में, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि इस हादसे के पीछे किसकी लापरवाही थी। लेकिन यह स्पष्ट है कि रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी ने शुक्रवार को एक परिवार को उसकी सुरक्षा से वंचित कर दिया, और द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक और दर्दनाक दुर्घटना का इतिहास दर्ज हो गया।










